महिला दिवस पर मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन बनी 'नारी शक्ति' की मिसाल, महिला कर्मचारियों ने संभाली पूरी कमान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला कर्मियों ने एक्वा लाइन के रूट पर दौड़ाई मेट्रो


मुंबई, 8 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत मुंबई मेट्रो लाइन-3, जिसे एक्वा लाइन के नाम से जाना जाता है, इसमें दो प्रमुख स्टेशनों मरोल नाका और सीएसएमटी मेट्रो स्टेशन का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।

एमएमआरसी के अनुसार, इन दोनों स्टेशनों पर कुल 85 महिला कर्मचारी विभिन्न शिफ्टों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ये कर्मचारी स्टेशन कंट्रोल, टिकटिंग, यात्री सहायता, सुरक्षा, मेंटेनेंस सपोर्ट और हाउसकीपिंग जैसे कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कार्यों को संभाल रही हैं। स्टेशन के रोजमर्रा के संचालन से लेकर यात्रियों को सहायता प्रदान करने तक सभी कार्य महिलाओं के हाथों में हैं, जो उनकी दक्षता और पेशेवर क्षमता को दर्शाता है।

बता दें कि महिलाएं केवल स्टेशन संचालन ही नहीं, बल्कि ट्रेन संचालन में भी महिलाओं की सक्रिय भूमिका देखने को मिल रही है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में इस समय 27 महिला ट्रेन ऑपरेटर कार्यरत हैं, जो एक्वा लाइन पर मेट्रो ट्रेनों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं तकनीकी और जिम्मेदारी भरे क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक अपनी भूमिका निभा सकती हैं।

एमएमआरसी में वर्तमान समय में कुल 1,388 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें प्रशासनिक और ऑफिस स्टाफ के अलावा ऑपरेशन, टिकटिंग, हाउसकीपिंग और सुरक्षा सेवाओं में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में समान अवसर दिए जा रहे हैं।

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को खास बनाना है, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी है कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्षम हैं और उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए। इस तरह की पहल से जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा मिलेगा और शहरी परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। महिलाओं को सशक्त होना चाहिए।

एमएमआरसी की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
14,395
Messages
14,432
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top