तेहरान, 8 मार्च। तेहरान स्थित तेल ठिकानों पर हमले के बाद प्रशासन ने लोगों के लिए ईंधन कोटा कम करने का फैसला लिया है। फार्स समाचार एजेंसी ने इसकी जानकारी दी है।
एजेंसी के अनुसार, तेहरान प्रांत के गवर्नर ने पर्सनल कार्ड से फ्यूल कोटा 30 लीटर (7.9 गैलन) हर दिन से घटाकर 20 लीटर (5.2 गैलन) करने की अपील की। अधिकारी ने यह भी कहा कि लोगों को फ्यूल की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि फ्यूल सप्लाई में रुकावटों को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा, और "दो या तीन दिन" बाद इस कदम को वापस लेने का वादा किया।
गवर्नर ने कहा कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने पर दो या तीन दिनों के भीतर पहले की तरह ईंधन कोटा बहाल कर दिया जाएगा।
तेहरान के तेल ठिकानों पर हमले के बाद घंटों आग धधकती देखी गई। कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें हमले के कुछ घंटों बाद, ईरान की राजधानी के ऊपर आसमान धुएं से ढका हुआ देखा जा सकता है।
स्टेट टेलीविजन पर एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका-इजरयाल ने राजधानी और उसके आसपास रात भर में पांच तेल ठिकानों पर हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई।
वहीं, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने ऑयल प्लांट्स में धमाकों के बाद जहरीली बारिश की चेतावनी दी है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने आम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। सोसाइटी ने कहा है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद जहरीली बारिश हो सकती है। ऐसी बारिश से स्किन पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
सैन्य संघर्ष के नौ दिन पूरे हो चुके हैं। इजरायली मीडिया वाइनेट ने बताया कि ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और 3 तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।
ईरान ने भी पलटवार करते हुए 5 देशों को निशाने पर लिया। इजरायल के अलावा कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात पर हमले किए। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि वे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ छह महीने तक युद्ध लड़ने में सक्षम हैं।