महिला दिवस पर नारी शक्ति का कमाल! रांची-धनबाद में महिलाओं ने संभाली ट्रेनों की कमान, हर मोर्चे पर आगे

महिला दिवस पर रांची और धनबाद में ट्रेनों की कमान महिलाओं के हाथों में


रांची/धनबाद, 8 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को झारखंड के रांची और धनबाद रेल मंडलों में महिला सशक्तिकरण की प्रेरक पहल देखने को मिली। रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां महिला कर्मियों को सौंपते हुए ट्रेनों के संचालन से लेकर सुरक्षा और टिकट जांच तक का पूरा काम महिलाओं के हाथों में दिया।

रांची रेलवे स्टेशन से चलने वाली रांची-इरगांव ट्रेन का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों की टीम ने संभाला। इस विशेष पहल के तहत करीब 15 महिला रेलकर्मियों की टीम बनाई गई थी। इसमें लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला जवान शामिल थीं। ट्रेन की रवानगी से लेकर उसके सुरक्षित संचालन और यात्रियों की व्यवस्था तक की सभी जिम्मेदारियां इस टीम ने बखूबी निभाईं।

रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम सूची सिंह ने स्टेशन पर मौजूद महिला रेलकर्मियों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में भी इस पहल को लेकर उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने तालियां बजाकर महिला टीम का हौसला बढ़ाया। सूची सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ रांची स्टेशन से महिला कर्मियों की विशेष टीम के जरिए ट्रेन का संचालन कराया गया। उन्होंने बताया कि रेल मंडल महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्टेशन मास्टर चंद कुमारी कच्छप ने कहा कि महिला दिवस केवल प्रतीकात्मक रूप से नहीं मनाया जाना चाहिए, बल्कि समाज में महिलाओं को आगे बढ़ाने की सोच हर दिन दिखाई देनी चाहिए।

इधर धनबाद रेल मंडल में भी महिला दिवस के मौके पर विशेष पहल की गई। धनबाद से सुबह 11:30 बजे खुलने वाली धनबाद-सिंदरी टाउन पैसेंजर ट्रेन का संचालन महिला क्रू ने किया। इस ट्रेन में रेल चालक के रूप में जानकी बल्लभ बारी, सहायक रेल चालक वंदना कुमारी और ट्रेन मैनेजर के रूप में दीपा कुमारी ने जिम्मेदारी निभाई। वापसी में सिंदरी टाउन से धनबाद आने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी महिलाओं ने ही संचालित किया।

इसके अलावा धनबाद स्टेशन पर टिकट काउंटर, ट्रेन सिग्नलिंग, टिकट जांच और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी महिला कर्मचारियों को सौंपी गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता और नेतृत्व कौशल को रेखांकित करना तथा उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर देने के संदेश को मजबूत करना है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
14,173
Messages
14,210
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top