नेपाल चुनाव में नया इतिहास! प्रचंड जीते, युवा बालेन शाह ने ओली को दी करारी मात, Gen-Z का जलवा

नेपाल के पूर्व पीएम प्रचंड को मिली जीत, केपी ओली को पछाड़कर भारी मतों से आगे बढ़ रहे बालेन शाह


नई दिल्ली, 7 मार्च। नेपाल में 5 मार्च को हुए आम चुनाव के बाद वोटों की गिनती अब भी जारी है। शुरुआती रुझानों के हिसाब से नेपाल में इस बार जेन-जी बनने जा रही है। अब तक हुई वोटों की गिनती में, पीएम पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह केपी ओली को हराकर भारी बढ़त के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नेपाल के पूर्व पीएम पुष्प कमल प्रचंड दहन ने रुकुम ईस्ट-1 सीट से जीत दर्ज कर ली है।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रचंड को 10,240 वोट मिले और 6,778 वोटों से उन्होंने जीत हासिल की है। वहीं झापा-5 में बालेंद्र शाह की अगर बात करें, तो अब तक उन्हें 34,863 वोट मिले हैं और 25,795 वोटों से वह आगे बढ़ रहे हैं। वहीं नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली 25,795 वोटों से पीछे चल रहे हैं।

शुरुआती रुझान के हिसाब से नेपाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव होता हुआ नजर आ रहा है। सितंबर 2025 में नेपाल में हिंसक जेन-जी विरोध प्रदर्शन हुए और केपी ओली की सरकार को सत्ता से हटा दिया गया। इसके बाद पहली बार वहां चुनाव हुआ। शुरुआती रुझान में पुराने राजनीतिक दलों को मात देते हुए तीन साल पुरानी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) आगे निकल रही है।

शुक्रवार को जब 5 मार्च को हुए चुनावों के वोटों की गिनती हो रही थी, तो भंग हुई पार्लियामेंट की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के प्रेसिडेंट गगन थापा, सरलाही-4 में आरएसपी के अमरेश कुमार सिंह से काफी पीछे चल रहे थे।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के सहयोजक प्रचंड पुरानी 'बिग थ्री' के शीर्ष नेताओं में से अकेले ऐसे उम्मीदवार हैं, जो इस बार रुकुम ईस्ट-1 से जीते। नेपाली मीडिया की ओर से जारी आंकड़ों के हिसाब से आरएसपी पूरे देश में भारी वोटों से आगे चल रही है। आंकड़ों को लेकर वित्त मंत्री रमेशोर खनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा, "अब तक गिने गए वोटों के आधार पर, ऐसा लगता है कि यह दावा कि यह संविधान बहुमत वाली स्थिर सरकार नहीं दे सकता, एक बार फिर गलत साबित होगा।"

जानकारों का मानना है कि बालेन शाह फैक्टर की प्रतिष्ठा भ्रष्टाचार-मुक्त काठमांडू मेयर के रूप में है। बालेन शाह के अलावा आरएसपी पर लोगों के अभूतपूर्व भरोसे के कुछ और कारण भी हैं।

आरएसपी के प्रवक्ता मनीष झा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हमारा मकसद देश में अच्छे बदलाव लाना है और इसके लिए हमें अभी भी कड़ी मेहनत करनी है। हमें नेता के तौर पर नहीं, बल्कि मददगार के तौर पर काम करना चाहिए। लोगों ने हमें बड़ी उम्मीदों के साथ जनादेश और जिम्मेदारी सौंपी है।"

आरएसपी प्रवक्ता झा ने कहा, "हमारे असली दुश्मन देश में भ्रष्टाचार, गरीबी और खराब शासन हैं। उम्मीदवार और राजनीतिक दल डेमोक्रेटिक प्रक्रिया में सिर्फ कॉम्पिटिटर हैं और सभी के अस्तित्व का सम्मान करते हुए, हमें संयमित, उदार और जिम्मेदार रहना चाहिए। यह सभी से एक अनुरोध है।"
 

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