नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को DGCA से मिली 'हरी झंडी', जल्द ही आसमान में भरेंगी उड़ानें, साकार हुआ सपना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, उड़ान संचालन जल्द संभव


ग्रेटर नोएडा, 6 मार्च। उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस (एरोड्रम लाइसेंस – पब्लिक यूज) जारी कर दिया है। अब एयरपोर्ट के संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यहां से उड़ानों का संचालन शुरू हो सकेगा।

डीजीसीए द्वारा जारी लाइसेंस के अनुसार, यह अनुमति यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है, जो जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण और संचालन कर रही है। यह लाइसेंस एअरक्राफ्ट रूल्स 1937 के नियम 78 के तहत जारी किया गया है।

डीजीसीए ने यह लाइसेंस शुक्रवार को नई दिल्ली से जारी किया है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का मतलब है कि एयरपोर्ट अब नियमित रूप से विमानों के उतरने और उड़ान भरने के लिए अधिकृत हो गया है, हालांकि इसके संचालन के लिए सुरक्षा, तकनीकी और संचालन से जुड़े सभी मानकों का पालन करना होगा।

लाइसेंस में यह भी उल्लेख किया गया है कि एयरपोर्ट पर सभी सुविधाएं, उपकरण, सेवाएं और प्रक्रियाएं डीजीसीए द्वारा तय मानकों के अनुसार संचालित की जाएंगी। साथ ही एयरपोर्ट प्रबंधन को सुरक्षा, एंटी-हाइजैकिंग व्यवस्था, एयर ट्रैफिक नियंत्रण, मौसम संबंधी सेवाओं और अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना होगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लंबे समय से निर्माणाधीन इस एयरपोर्ट को अब संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण मंजूरी मिल गई है।

यह एयरपोर्ट तैयार होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकारी योजनाओं के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बनने जा रहा है। एयरपोर्ट के पहले चरण में करीब 12 मिलियन (1.2 करोड़) यात्रियों को सालाना सेवा देने की क्षमता होगी।

भविष्य में इसके विस्तार के साथ यात्री क्षमता को कई गुना तक बढ़ाने की योजना है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट पर अंतिम तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन शुरू होने की संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
 

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