मिडिल ईस्ट तनाव: दुबई से पिंपरी-चिंचवड़ के 40 पर्यटक सुरक्षित लौटे, सुमन नेटके ने सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच दुबई में फंसे 40 भारतीय पर्यटक सुरक्षित भारत लौटे, सुमन ने सुनाया अनुभव


पिंपरी-चिंचवड़, 6 मार्च। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके के लगभग 40 पर्यटक, जो पिछले कई दिनों से दुबई में फंसे हुए थे, गुरुवार देर रात सुरक्षित भारत लौट आए। इस समूह में पिंपरी-चिंचवड़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की पूर्व कॉर्पोरेटर सुमन नेटके भी शामिल थीं। पर्यटकों के सुरक्षित वतन लौटने पर उनके परिवारों और रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली और खुशी जाहिर की।

जानकारी के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र के ये सभी पर्यटक मिडिल ईस्‍ट में अचानक पैदा हुई परिस्थितियों के कारण दुबई में फंस गए थे। इससे उनके परिवार के लोग काफी चिंतित थे और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे थे। परिवारों ने भारत सरकार से भी अपील की थी कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए कदम उठाए जाएं।

दुबई से उड़ानों की सेवा दोबारा शुरू होने के बाद भारत सरकार ने वहां फंसे हुए भारतीय नागरिकों और पर्यटकों की वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्था की। इसके तहत पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र का यह ग्रुप भी सुरक्षित रूप से भारत पहुंचा। गुरुवार देर रात जब यह समूह अपने घर लौटा तो परिवारों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कई दिनों की चिंता और इंतजार के बाद अपने परिजनों को सुरक्षित देखकर परिवार के सदस्यों ने केंद्र सरकार के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

दुबई से लौटने के बाद पूर्व कॉर्पोरेटर सुमन नेटके ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में वहां के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दुबई एक ऐसा शहर है, जहां आम तौर पर सुरक्षा को लेकर लोगों को कोई चिंता नहीं होती है। उन्होंने कहा कि वहां के लोग भी काफी सहयोगी थे और जब उन्हें पर्यटकों के चेहरों पर डर दिखाई देता था, तो वे उन्हें रोककर पूछते थे कि आखिर वे इतने डरे हुए क्यों हैं? स्थानीय लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि दुबई की सरकार सुरक्षा के मामले में बेहद सतर्क रहती है और किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

सुमन नेटके ने बताया कि दुबई में उनका कोई परिचित नहीं था, फिर भी स्थानीय लोगों ने उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें समझाते हुए कहा कि चिंता मत कीजिए और होटल में बैठकर चाय पीजिए। इस दौरान अचानक दो मिसाइलें दागे जाने की सूचना मिलीं, जिन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया। उस समय इलाके में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और लोगों के बीच ‘भागो-भागो’ की आवाजें भी सुनाई देने लगीं।

उन्होंने बताया कि करीब एक घंटे बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। इस दौरान सरकार की ओर से लगातार संदेश जारी किए जा रहे थे, जिनमें लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया था। बाद में एक और संदेश आया कि वे सुरक्षित क्षेत्र में हैं और चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। यह संदेश मिलने के बाद सभी के चेहरों पर राहत और खुशी दिखाई देने लगी।

सुमन नेटके ने कहा कि दुबई में रहने के दौरान स्थानीय लोगों का सकारात्मक रवैया और सहयोग उन्हें काफी अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि लोग लगातार उन्हें सकारात्मक सोच रखने की सलाह देते थे और यही बातें उनके लिए हौसला बढ़ाने वाली रहीं। भारत लौटने के बाद उन्होंने कहा कि अपने घर और परिवार के बीच वापस आकर जो खुशी मिलती है, उसका कोई ठिकाना नहीं है।
 

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