नई दिल्ली, 5 मार्च। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया। सत्ता पक्ष ने जहां सीएम नीतीश कुमार के फैसले को सराहा है, वहीं विपक्ष ने इसे भाजपा का दबाव बताया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया। तेजस्वी के बयान पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा में हाईजैक करने का कल्चर नहीं है। यह तो राजद और उनके परिवार में होता है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम शुरुआत से इस बात को कहते रहे हैं कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को भाजपा के लोग मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देंगे। आज वो बात सच हुई है। भाजपा ने पूरी तरीके से नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया है।
राजद नेता के हाईजैक करने वाले बयान पर गौरव वल्लभ ने कहा कि यह सब तेजस्वी यादव के यहां होता है। इनके यहां लोग हाईजैक हो जाते हैं। जदयू और भाजपा में हाईजैक का कल्चर नहीं है। राजद के वंशवाद और परिवारवाद पर ताला लग गया है। राजद का बिहार की राजनीति में अंश नहीं बचा है। बिहार की राजनीति ने जंगलराज से सुशासन के मॉडल को हमेशा के लिए अपना लिया है। अच्छी राजनीति को हमेशा से चुनेंगे।
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में कहा है कि उनका मार्गदर्शन और विजन बिहार को मिलता रहेगा। नीतीश कुमार ने अपनी इच्छा जाहिर की है कि वे राज्यसभा जाना चाहते हैं। जिस तरह से सुशासन का काम बिहार में हुआ है, मैं पूरी उम्मीद के साथ कहता हूं कि बिहार की सरकार प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम करती रहेगी। एनडीए की सरकार बिहार के लोगों के लिए काम करेगी। युवाओं के लिए रोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।
सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर भाजपा नेता ने कहा कि यह फैसला जदयू को करना है। यह निर्णय नीतीश कुमार को करना है। यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है। इस पर हमारा टिप्पणी करना अनुचित होगा। जो बिहार के लिए उचित हो, जो सर्वश्रेष्ठ हो, वह फैसला किया जाना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे देश के मुसलमानों के दुश्मन हैं। जब खाड़ी के देशों में हमारे लाखों-करोड़ों भाई केरल और तमिलनाडु से रोजगार के लिए काम कर रहे हैं, वहां की सरकार हमारे देश के लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राहुल गांधी नहीं चाहते हैं कि वे सुरक्षित रहें, इसीलिए वे इस तरह की बातें करते हैं। पीएम मोदी का मॉडल सबका साथ, सबका विकास का है। भारत की विदेश नीति का मॉडल सिर्फ एक ही है, नेशन फर्स्ट।