लेखकों के साथ प्रौद्योगिकी, ज्ञान की खोज व राष्ट्रीय दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श

लेखकों के साथ प्रौद्योगिकी, ज्ञान की खोज व राष्ट्रीय दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श


नई दिल्ली, 12 जनवरी। युवा लेखकों के साथ संस्कृति, प्रौद्योगिकी, ज्ञान की खोज और राष्ट्रीय दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मुक्त और सार्थक विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लेखकों से इन विषयों पर विस्तार से संवाद किया। इस संवाद के माध्यम से युवा लेखकों की ऊर्जा, आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को दिशा देने का प्रयास किया गया, ताकि विकसित भारत के दृष्टिकोण के प्रति उनका विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।

इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने शोध सामग्री की सुलभता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए निर्देश दिया कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के माध्यम से लेखकों को भौतिक एवं डिजिटल दोनों प्रकार के संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ पहल के तहत उपलब्ध संसाधनों तक भी युवा लेखकों की पहुंच सुनिश्चित की जाए।

अकादमिक और शोध सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि चयनित लेखकों को उनके संबंधित क्षेत्रों के केंद्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध किया जाए ताकि वे अपनी पांडुलिपियों का बेहतर विकास कर सकें। दरअसल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री संग्रहालय, नई दिल्ली में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री युवा लेखक मेंटरशिप योजना (पीएम -युवा 3.0) के अंतर्गत चयनित 43 युवा लेखकों से यह बातचीत की।

युवा लेखकों के साथ यह संवाद नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026 के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा था। इस इंटरैक्टिव सत्र के दौरान चयनित युवा लेखकों ने छह माह की मेंटरशिप अवधि के तहत तैयार की जा रही अपनी आगामी पुस्तकों के विषयों और अवधारणाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। केंद्रीय मंत्री ने सभी युवा लेखकों को चयन पर बधाई दी और उन्हें मेंटरशिप अवधि का अधिकतम लाभ उठाने को कहा।

शिक्षा मंत्री ने लेखकों को ऐसी सार्थक पुस्तकें लिखने के लिए प्रेरित किया जो भारत के युवाओं को पढ़ने, लिखने और ज्ञान से गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। युवा लेखकों से संवाद को लेकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम -युवा 3.0 के अंतर्गत चयनित नवोदित लेखकों से संवाद करना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा।

उन्होंने कहा कि इस संवाद में उपस्थित रहे लेखक भारत की समृद्ध विविधता का प्रतिबिंब हैं। प्रधान ने बताया कि युवा लेखक भारतीय प्रवासी समुदाय के राष्ट्र निर्माण में योगदान, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक भारत के निर्माताओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पुस्तकें लिख रहे हैं।

गौरतलब है कि पीएम -युवा 3.0 योजना के अंतर्गत चयनित 43 लेखक 10 जनवरी से 18 जनवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026’ पर आयोजित राष्ट्रीय शिविर में भाग ले रहे हैं। इस पुस्तक मेले का आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से किया जा रहा है। मेले का उद्घाटन 10 जनवरी 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया था।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि पीएम -युवा 3.0 योजना का उद्देश्य युवा लेखकों को प्रोत्साहित करना, पठन-पाठन और लेखन की संस्कृति को बढ़ावा देना तथा भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक विविधता को उजागर करना है। लेखकों व शिक्षा मंत्री के बीच हुई इस बातचीत में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनबीटी-इंडिया के निदेशक, प्रधानमंत्री संग्रहालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
 

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