नई दिल्ली/पटना, 5 मार्च। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि वे राज्यसभा के लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन रहेगा। सीएम नीतीश के फैसले के बाद कांग्रेस ने इसे जनता के जनादेश के साथ बड़ा विश्वासघात बताया है।
कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "बिहार चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जो बात बार-बार कह रही थी, वही अब सच साबित हो गई है। 'जी2' की ओर से रची गई साजिश के तहत बिहार में तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया गया है। कई मायनों में यह जनता के जनादेश के साथ बड़ा विश्वासघात है।"
वहीं, बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रवक्ता कंचना यादव ने लिखा, "भाजपा ने पहले जदयू के शीर्ष पदों पर दलालों को बैठाया और अब वही दलाल मुख्यमंत्री पद भाजपा को बेच रहे हैं।"
इससे पहले, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मांझी जी, चिराग जी, लालू जी और उपेंद्र जी, बिहार को भाजपा का चरागाह न बनने दें। एकमत से निशांत कुमार को बिना शर्त समर्थन देकर बिहार का मुख्यमंत्री बना दें और भाजपा के लिए बिहार का दरवाजा बंद कर दें। भविष्य की राजनीति आपस में फरिया लेंगे। इतिहास में अमर हो जाओगे और बिहारी स्वाभिमान का प्रतीक बन जाओगे।"
गौरतलब है कि नीतीश कुमार पिछले लगभग 21 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने 2025 में 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे राज्य के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री भी हैं। लगभग दो दशक के बाद वे संसद जाएंगे। उन्होंने गुरुवार को अपनी राज्यसभा सदस्य बनने की इच्छा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।"