आईएईए में चीन का बड़ा पर्दाफाश: फुकुशिमा आपदा सिर्फ प्राकृतिक नहीं, जापान की 'मानवीय चूक' का परिणाम

आईएईए की बैठक में चीनी प्रतिनिधि: फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना प्राकृतिक आपदा से अधिक मानवीय त्रुटि


बीजिंग, 4 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए की मार्च बोर्ड बैठक इस सप्ताह वियना में आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर आईएईए में चीन के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत ली सोंग ने जापान की फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना की 15वीं वर्षगांठ पर भाषण दिया।

राजदूत ली ने कहा कि फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना देखने में प्राकृतिक आपदा लगती है, लेकिन वास्तव में यह मानवीय त्रुटि थी, जिसने जापान की परमाणु सुरक्षा नियामक प्रणाली में गंभीर कमियों को उजागर किया। आईएईए को फुकुशिमा दुर्घटना के बाद की प्रक्रिया की दीर्घकालिक समीक्षा करनी चाहिए और वैश्विक उच्चतम मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार जापान पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि 15 साल पहले हुई फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना ने वैश्विक परमाणु ऊर्जा विकास को बाधित किया और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का परमाणु सुरक्षा पर विश्वास को गहरा झटका दिया। इसने जापान की नियामक प्रणाली में गंभीर कमियों और परमाणु सुरक्षा संस्कृति की गंभीर कमी को उजागर किया।

ली ने कहा कि जापान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से पड़ोसी देशों के कड़े विरोध के बावजूद, फुकुशिमा परमाणु दूषित जल को समुद्र में छोड़ने पर जोर दिया, जो परमाणु सुरक्षा जोखिमों को विदेशों में स्थानांतरित करने का काम अत्यधिक गैर-जिम्मेदार और अंतर्राष्ट्रीय नैतिकता के विरुद्ध कार्य है। चीन फुकुशिमा परमाणु दूषित जल के समुद्री निपटान का कड़ा विरोध करता है।

उन्होंने कहा कि 15 वर्षों में, जापान की टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी और अन्य परमाणु ऊर्जा कंपनियों में ईमानदारी की कमी, धोखाधड़ी और रेडियोधर्मी रिसाव के मामले लगातार सामने आए हैं। फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना के बाद की प्रक्रिया केवल जापान का मामला नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

राजदूत ली ने जोर देकर कहा कि फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना की 15वीं वर्षगांठ पर, आईएईए और उसके सदस्य देशों के लिए एकजुट होकर दुर्घटना के बाद की दीर्घकालिक चुनौतियों का सामना करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। चीन आईएईए को अपने कर्तव्यों का पालन करने और वैश्विक परमाणु सुरक्षा के उच्चतम मानकों के अनुसार जापान की निगरानी करने का समर्थन करता है।

उन्होंने कहा कि चीन अपने तकनीकी और प्रबंधकीय लाभों का उपयोग करके इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने को तैयार है और सभी देशों से परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानव जाति के लिए परमाणु सुरक्षा समुदाय के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
 

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