नई दिल्ली, 4 मार्च। देश के प्रमुख शॉट पुट खिलाड़ियों में मनप्रीत कौर का नाम शीर्ष स्थान पर लिया जाता है। मनप्रीत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए पदक जीता है और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
मनप्रीत कौर का जन्म 5 मार्च 1990 को पटियाला, पंजाब में हुआ था। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली मनप्रीत ने अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए खेल जगत में अपनी पहचान बनाई। मनप्रीत को एथलेटिक्स में रुचि अपने पिता और चचेरे भाइयों से मिली, जो स्वयं भी खिलाड़ी थे। शुरुआत में उन्होंने 100 मीटर दौड़ का अभ्यास किया, लेकिन उनके भाई ने उनकी क्षमता को पहचानते हुए उन्हें शॉट पुट अपनाने की सलाह दी।
मनप्रीत जब 13 वर्ष की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया, जब 16 साल की थीं, तब उनकी माता लकवाग्रस्त हो गई थीं। इन दोहरी चुनौतियों के बावजूद कौर ने खेल के क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का हौसला नहीं खोया।
मनप्रीत ने 2007 में ओस्ट्रोवा में आयोजित 5वीं आईएएएफ वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में 9वां स्थान प्राप्त किया। 2010 में तीन साल के ब्रेक के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 18 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। 2015 में कोलकाता में आयोजित 55वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.96 मीटर थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता।
2016 में, वे रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली अपने वर्ग की अकेली भारतीय महिला बनीं। 2017 में, चीन के जिन्हुआ में एशियन ग्रैंड प्रिक्स के पहले चरण में 18.86 मीटर का थ्रो कर, उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि विश्व सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान भी हासिल किया। इसी प्रदर्शन के आधार पर, उन्होंने लंदन में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया।
2017 में मनप्रीत चार बार स्टेरॉयड टेस्ट में पॉजिटिव आने की वजह से विवादों में आ गईं। 20 जुलाई 2017 से चार वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया, उनके स्वर्ण पदक व राष्ट्रीय रिकॉर्ड रद्द कर दिए गए।
2022 में निलंबन के बाद उन्होंने वापसी की और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। वे इंडियन रेलवे में कार्यरत हैं और खेल के साथ ही नौकरी की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाती हैं।