नई दिल्ली, 4 मार्च। देश-दुनिया में लोग उल्लास के साथ रंगों के त्योहार होली का जश्न मना रहे हैं। होली रंगों, खुशी और दोस्तों-परिवार के साथ मेलजोल का पर्व है। हालांकि, त्योहार के उल्लास में अक्सर सेहत की अनदेखी होती है। ऐसे में आयुष मंत्रालय होली के खानपान को लेकर सुझाव देता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस बार होली को स्वस्थ और मजेदार बनाने के लिए खास सलाह जारी की है। मंत्रालय का कहना है कि रंगों का यह पावन मौका खुशी और मस्ती से भरपूर हो, लेकिन खानपान में सोच-समझकर बैलेंस्ड और नेचुरल चीजें चुनें। भरपूर पानी पीना, हल्का और पौष्टिक भोजन करना और जंक फूड से दूर रहना इस त्योहार को हेल्दी बनाता है।
होली पर क्या खाना चाहिए? मंत्रालय ने इसकी लिस्ट जारी की है। इनमें शामिल हैं भेलपुरी (हल्की और चटपटी), चिक्की (गुड़ और मूंगफली से बनी), भुनी हुई फलियां और चना, मेवे (बादाम, काजू, किशमिश आदि), बेसन चीला, साबुत गेहूं की ब्रेड के साथ सब्जी सैंडविच, और स्प्राउट्स चाट, ये सभी विकल्प पौष्टिक, हल्के और आसानी से पचने वाले हैं। ये एनर्जी देते हैं, पेट को भारी नहीं करते और त्योहार की मस्ती में भी शरीर को फिट रखते हैं।
मंत्रालय ने कुछ चीजों से साफ मना भी किया है, क्योंकि ये त्योहार के दौरान पेट खराब कर सकती हैं या वजन बढ़ा सकती हैं। इनमें वातित पेय यानी कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा आदि। चिप्स और आलू फिंगर्स, वेजिटेबल बर्गर, कैंडी और चॉकलेट, समोसा, ब्रेड पकोड़ा और ऐसे ही तले-भुने बाहर के व्यंजन शामिल हैं।
आयुष मंत्रालय का कहना है कि होली के दिन ज्यादा मीठा, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने से एसिडिटी, भारीपन और थकान हो सकती है। इसके बजाय पानी खूब पिएं, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और रंग खेलने के बाद भी तरोताजा महसूस हो। नेचुरल और घरेलू चीजें चुनने से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहता है।