कोलकाता, 4 मार्च। पुलिस ने बुधवार को बताया कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट इलाके में एक व्यक्ति ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम 'अधिनियमित' श्रेणी में देखकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक की पहचान 41 वर्षीय रफीक अली गाजी के रूप में हुई है।
उश्ती पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने कल देर रात उनके घर से शव बरामद किया, उनके गले में फंदा लगा हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए डायमंड हार्बर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया गया है।
परिवार का दावा है कि एसआईआर नोटिस आने के बाद से गाजी घबराए हुए थे। इसके बाद उन्होंने सभी दस्तावेज जमा कर दिए। उन्होंने परिवार के सदस्यों को भी इसकी जानकारी दी। उन्होंने 28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची भी देखी और घर लौटने के बाद से ही उदास थे। उनका नाम सूची में था, लेकिन अधिनिर्णय श्रेणी के अंतर्गत।
डोल यात्रा की शाम को परिवार के सदस्य घर से बाहर गए थे और गाजी घर पर अकेले थे। जब परिवार के सदस्य लौटे तो उन्होंने उन्हें छत के पंखे से लटका हुआ पाया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और शव बरामद किया।
गाजी की पत्नी ने इस दुखद घटना पर चुनाव आयोग के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त किया।
एक स्थानीय निवासी ने मीडियाकर्मियों से कहा कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद से वह बहुत तनाव में थे। उन्हें अपने और अपने परिवार के भविष्य की चिंता थी। कल जब परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, उन्होंने छत से लटककर आत्महत्या कर ली। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस इलाके में कई ऐसे लोग हैं जिनके नाम भी इसी श्रेणी में आते हैं। सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए और शोक संतप्त परिवार की मदद करनी चाहिए।
पता चला है कि गाजी और उनके परिवार के पांच सदस्यों के नाम भी इसी श्रेणी में हैं। उस क्षेत्र के बूथ नंबर 141 के 111 अन्य निवासियों के नाम भी न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत हैं।