ईरान पर हमला रोको! मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की यूएन से गुहार, पश्चिमी एशिया को विनाशकारी युद्ध से बचाओ

ईरान के खिलाफ कार्रवाई रोकने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने यूएन से की अपील


नई दिल्ली, 3 मार्च। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने मंगलवार को भारतीय नेतृत्व, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को तत्काल रोकने के लिए ठोस, गंभीर और व्यावहारिक कदम उठाए जाएं।

एआईएमपीएलबी के प्रवक्ता एस.क्यू.आर. इलियास द्वारा जारी बयान में इस आक्रामक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तुरंत युद्धविराम की मांग की गई। उन्होंने कहा कि इस अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक समय में भारत एक संतुलित और गरिमापूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था, लेकिन वर्तमान रुख से देश की विदेश नीति की साख पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय से क्षेत्र में युद्धविराम सुनिश्चित करने और पश्चिम एशिया को विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ने से रोकने के लिए हस्तक्षेप की अपील की।

इलियास ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच वार्ताओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई थी। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी, जो इन वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे, के अनुसार ईरान ने अमेरिका की लगभग सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया था। इसके बावजूद अमेरिका द्वारा अचानक वार्ता समाप्त करने की घोषणा और उसके तुरंत बाद इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर संयुक्त हमला किए जाने से यह संकेत मिलता है कि वार्ता महज एक बहाना थी, न कि गंभीर कूटनीतिक प्रयास।

इलियास ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की “शहादत” पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे मुस्लिम उम्माह के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक शोक संदेश जारी नहीं किया जाना देश की नैतिक और कूटनीतिक परंपराओं के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान किसी संप्रभु देश के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना और खुले तौर पर शासन परिवर्तन की बात करना अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है।

इलियास ने चेतावनी दी कि यह युद्ध पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिरता में झोंक चुका है। जहां कई यूरोपीय देश अमेरिका का समर्थन कर रहे हैं, वहीं रूस और चीन ईरान के साथ खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि यदि तत्काल और प्रभावी कूटनीतिक हस्तक्षेप नहीं हुआ तो यह संघर्ष व्यापक वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है। लंबे समय तक चलने वाला युद्ध न केवल मानवीय संकट को गहरा करेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर डालेगा, जिसका सबसे अधिक बोझ विकासशील और कमजोर देशों को उठाना पड़ेगा।
 

Similar threads

Trending Content

Forum statistics

Threads
12,659
Messages
12,696
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top