बेंगलुरु, 3 मार्च। भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने राष्ट्र के लिए नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए विदेश नीति बनाई थी। इसके विपरीत, भाजपा ने राष्ट्र को फायदा पहुंचाने के लिए विदेश नीति बनाई। दोनों पार्टियों में मूल रूप से यही फर्क है।
उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि हमने कभी-भी खुद को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि देश को फायदा पहुंचाने के लिए विदेश नीति बनाने पर जोर दिया। हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम कभी खुद को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के बारे में नहीं सोचते हैं, बल्कि देश के बारे में सोचते हैं।
इसके अलावा, भाजपा नेता सीटी रवि ने खामेनेई की मौत पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत के बाद लगातार देश भर में लोग सामने आकर दुख जाहिर कर रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों कर रहे हैं? मेरा सीधा-सा सवाल है कि खामेनेई इस देश के क्या लगते हैं। उनका इस देश से क्या लेना-देना है। मेरा सीधा-सा सवाल है कि आज जो लोग सामने आकर आज दुख जाहिर कर रहे हैं, वो लोग उस वक्त कहां पर थे, जब पहलगाम में हमारे लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था? तब तो इन लोगों ने सार्वजनिक स्थल पर सामने आकर दुख जाहिर करना जरूरी नहीं समझा था। कुछ लोगों ने सामने आकर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम संविधान को नहीं, बल्कि शरिया को मानते हैं। अब ऐसे लोगों को लेकर हम क्या ही टिप्पणी कर सकते हैं। संविधान को नहीं मानने वाले भारतीय नहीं हो सकते हैं।
वहीं, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने ईरान मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा कि बिल्कुल आप चर्चा कर सकते हैं। हमें चर्चा से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, हमारा कुल मिलाकर यही कहना है कि आप चर्चा से भागना मत। हमें भाजपा राष्ट्र की राजनीति के लिए काम करती हुई आई है। हमने आज तक राष्ट्र से जुड़े मुद्दों का दुरुपयोग नहीं किया। यह काम अगर किसी ने किया है, तो वो कांग्रेस है। भाजपा हमेशा से ही राष्ट्र हित के बारे में सोचती है। उसके साथ हम किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करते हैं।
साथ ही, भाजपा नेता सीटी रवि ने भारत और इजरायल के रिश्ते पर भी टिप्पणी की और सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस को इजरायल से आपत्ति क्या है। अगर भारत और इजरायल के बीच रिश्ते मधुर हैं, तो इससे कांग्रेस को क्या दिक्कत है। जाहिर-सी बात है कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को राजनीतिक चश्मे से देखने की कोशिश करती है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इजरायल हमेशा से ही भारत का मित्र रहा है और आगे भी रहेगा। मेरा सीधा सा सवाल है कि आखिर कांग्रेस क्यों इजरायल का विरोध करती है।