मध्य पूर्व तनाव से सोना फिर चमका: लगातार पांचवें दिन बढ़ी कीमतें, निवेशकों के लिए बना सुरक्षित ठिकाना

मध्य पूर्व तनाव के चलते बढ़ी सोने की चमक, कीमतों में लगातार पांचवें दिन तेजी


मुंबई, 3 मार्च। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच मंगलवार को वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में लगातार पांचवें सत्र में तेजी दर्ज की गई।

सोमवार को एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 2.53 प्रतिशत बढ़कर 1,66,199 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 0.90 प्रतिशत गिरकर 2,80,090 रुपए प्रति किलोग्राम रही।

भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में होली के कारण मंगलवार को पहले सत्र में कारोबार बंद रहेगा और शाम 5 बजे से ट्रेडिंग फिर शुरू होगी।

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका में महंगाई बढ़ने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक स्थिर रखने की आशंका भी बढ़ी है।

स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,360 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं, स्पॉट सिल्वर लगभग 1.9 प्रतिशत बढ़कर 91.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स 0.19 प्रतिशत बढ़कर 98.57 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर आधारित सोना विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया और सोने की कीमतों में और तेजी पर कुछ रोक लगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक जरूरत होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब में तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी। इस बीच, इजरायल ने ईरान के कमांड केंद्रों को निशाना बनाते हुए 'हमलों की एक नई लहर' की घोषणा की।

ईरान के जवाबी हमलों से तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई को लेकर चिंता गहरा गई।

अमेरिकी कच्चा तेल वायदा 1.4 प्रतिशत बढ़कर 72.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 1.87 प्रतिशत बढ़कर शुरुआती कारोबार में 79.2 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा।

निवेशक अब अमेरिकी विनिर्माण और गैर-विनिर्माण पीएमआई, एडीपी नॉन-फार्म रोजगार परिवर्तन और बेरोजगारी आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं, ताकि फेडरल रिजर्व की आगे की नीति का अंदाजा लगाया जा सके।

साल 2026 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। पिछले वर्ष भी सोना 64 प्रतिशत चढ़ा था। इसकी वजह केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेश बढ़ना और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं रही हैं।
 

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