टी20 वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल में भारत, पर सुपर-8 तक राह नहीं थी आसान; बल्लेबाजी बनी सिरदर्द, बिखरे दिग्गज

टी20 वर्ल्ड कप : भारत के लिए आसान नहीं रहा सुपर-8 तक का सफर, बल्लेबाजी में नजर आई ये खामियां


नई दिल्ली, 2 मार्च। टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ 5 मार्च को छठी बार टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मुकाबला खेलने उतरेगी। हालांकि, घरेलू सरजमीं पर टूर्नामेंट होने के बावजूद भारतीय टीम के लिए सुपर-8 तक का सफर मुश्किलों से भरा रहा है। भारतीय टीम के खेल में वो चैंपियन वाली बात नजर नहीं आई है।

टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी समस्या बल्लेबाजी रही है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले ही मैच में अमेरिका के खिलाफ भारतीय टीम के बैटिंग ऑर्डर की पोल खुल गई थी। स्टार बल्लेबाजों से सजा बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था। 77 के स्कोर पर टीम ने अपने प्रमुख छह बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। हालांकि, कप्तान सूर्यकुमार यादव के बल्ले से निकली 84 रनों की पारी के दम पर टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही थी।

नामीबिया के खिलाफ ईशान किशन और हार्दिक पांड्या ने तो रन बनाए थे, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। नामीबिया के कमजोर गेंदबाजी अटैक के सामने भी कप्तान सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज संघर्ष करते हुए दिखाई दिए थे। सूर्या ने 12 रन बनाने के लिए 13 गेंदें खेली थीं, तो तिलक 21 गेंदों का सामना करने के बाद महज 25 रन ही बना सके थे।

पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ ईशान किशन लय में दिखाई दिए थे और उन्होंने 40 गेंदों में 77 रनों की दमदार पारी खेली थी। हालांकि, उनके अलावा सिर्फ सूर्यकुमार यादव ही 30 रनों का आंकड़ा पार कर सके थे। सूर्या ने 32 रन बनाने के लिए 29 गेंदें खेली थीं। नीदरलैंड के खिलाफ भी कहानी कुछ ऐसी ही रही थी और वहां शिवम दुबे ने 31 गेंदों में 66 रन बनाए थे।

ग्रुप स्टेज में छोटी टीमों के खिलाफ खेलने के बावजूद अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और खुद कप्तान सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज रनों के लिए संघर्ष करते हुए दिखाई दिए थे। उम्मीद थी कि सुपर-8 राउंड में भारतीय बल्लेबाज दमदार वापसी करेंगे और वैसा दमदार खेल दिखाएंगे, जिसके लिए वह जाने जाते हैं।

हालांकि, सुपर-8 राउंड में तो कहानी और ज्यादा बिगड़ गई। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत का मजबूत बल्लेबाजी क्रम महज 111 रन ही बना सका। जिम्बाब्वे के खिलाफ जरूर भारतीय टीम का बैटिंग ऑर्डर लय में दिखाई दिया और सूर्या की सेना स्कोरबोर्ड पर टी20 विश्व कप का अपना सबसे बड़ा स्कोर लगाने में सफल रही।

वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने 97 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का हाल बेहाल रहा।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा से भारतीय खेमे को सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं, लेकिन बाएं हाथ का यह बल्लेबाज टूर्नामेंट में बुरी तरह से विफल रहा है। 6 मुकाबलों में अभिषेक सिर्फ 80 रन ही बना सके हैं। 3 मैच में तो अभिषेक अपना खाता तक नहीं खोल सके हैं। अपनी तूफानी बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्यकुमार यादव इस विश्व कप में तेजी से रन बटोरने में नाकाम रहे हैं। सूर्या का टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्ट्राइक रेट महज 135 का रहा है। हार्दिक पांड्या बड़े मुकाबलों में और अहम मौके पर रन बनाने में विफल रहे हैं।

भारतीय टीम की ओर से कुल मिलाकर ईशान किशन ही ऐसे बल्लेबाज नजर आए हैं, जिनके प्रदर्शन में निरंतरता नजर आई है। टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम की इस विश्व कप में सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि सभी बल्लेबाज एकजुट होकर रन बनाने में नाकाम रहे हैं। भारतीय टीम 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में यह कमजोरी भारी पड़ सकती है।
 
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