ईरान-इजरायल संकट में फंसे कन्नड़ भाषियों की सुरक्षित वापसी को केंद्र तैयार: प्रह्लाद जोशी बोले, दूतावासों से बात जारी

ईरान और इजराइल में फंसे कन्नड़ भाषी लोगों को बचाने के लिए राजदूतों से हो रही बात: प्रल्हाद जोशी


नई दिल्ली, 2 मार्च। ईरान-इजराइल युद्ध की स्थिति में फंसे सभी कन्नड़ भाषी लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से तैयार है। यहां जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों से पहले ही बातचीत चल रही है।

दिल्ली में सोमवार को मीडिया से बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि जब भी कन्नड़ भाषी और भारतीय दुनिया में कहीं भी संकट का सामना करते हैं, तो केंद्र सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए कदम उठाती है।

उन्होंने याद दिलाया कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को पहले सफलतापूर्वक निकाला गया था, अब दुनिया में कहीं भी भारतीयों की सुरक्षा केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

जोशी ने कहा कि सरकार को सूचना मिली है कि ईरान-इजरायल युद्ध की तीव्रता के कारण विदेशों में रहने वाले कन्नड़ भाषी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ मंत्रियों के साथ तत्काल चर्चा की गई है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

उन्होंने आश्वासन दिया कि कन्नड़ भाषी लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार न केवल कन्नड़ भाषी लोगों बल्कि सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि दूतावास के अधिकारियों के साथ पहले ही बातचीत हो चुकी है। परिवारों से चिंता न करने का आग्रह करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा को गंभीरता से लिया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में हवाई यात्रा जोखिम भरी हो गई है और विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है। भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और विधान परिषद सदस्य भोजेगौड़ा सहित संकट में फंसे सभी कन्नड़ भाषी नागरिकों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान दुबई में फंसे कन्नड़ भाषी लोगों को बचाना भी प्राथमिकता है। दुबई से उड़ानें फिलहाल निलंबित हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए गंभीर प्रयास जारी हैं।

गौरतलब है कि मध्य पूर्व के कई देशों द्वारा क्षेत्र में व्याप्त स्थिति के कारण अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के बाद कर्नाटक सरकार ने अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय कर दिया था, जिससे कन्नड़ भाषी लोगों सहित कई अंतरराष्ट्रीय यात्री फंसे रह गए थे।

राजस्व मंत्री और कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कृष्णा बायरे गौड़ा द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, कई देशों ने वायुसैनिकों को नोटिस जारी किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ है।

गौड़ा ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नवीनतम सलाह के अनुसार, ईरान, इज़राइल, लेबनान, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के ऊपर का हवाई क्षेत्र 2 मार्च तक बंद रहेगा।

उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा में व्यवधान के कारण कर्नाटक सहित विभिन्न देशों के यात्री बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं, विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में।
 

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