लखनऊ, 2 मार्च। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद लखनऊ में शिया मुसलमानों के जारी विरोध प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में खामेनेई मारे गए। ऐसे में उनके चाहने वाले जहां-जहां हैं, विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के दौरे पर गए थे। उन्हें भी ईरान पर होने जा रहे हमले की जानकारी जरूर रही होगी। जिस तरह से एक बड़े मुस्लिम नेता को मारा गया है, यह सही नहीं है। अमेरिका अपनी मनमर्जी कर रहा है। भारत विश्वगुरु बनने की बात करता है, लेकिन फिर भी इस पूरे मामले पर पीएम मोदी शांत हैं।"
कांग्रेस के इस बयान पर ओपी राजभर ने कहा कि शायद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पता नहीं कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के किसी देश में जाते हैं तो यह बराबर कहते हैं कि मैं बुद्ध की धरती से आया हूं, शांति का संदेश लेकर आया हूं। हम और आप मिलकर के दोनों लोग अपना आयात और निर्यात का काम करें। अपने-अपने देश को विकास के रास्ते पर ले जाएं। लड़ाई झगड़े की बात न हो और हम सब लोग मिलकर रहें।
वहीं, अमेरिकी हमले में खामेनेई की मौत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इजराइल के पीएम से कहा कि किसी भी स्थिति में निर्दोष लोगों की जान नहीं जानी चाहिए और इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। ओपी राजभर ने इसे सही और जिम्मेदार पूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा है कि यह हिंदू राष्ट्र है। यहां 90 फीसदी हिंदू रहते हैं। यहां पहले हिंदुओं को ही देखा जाएगा, फिर बाकी लोगों को गिना जाएगा। 15 मिनट में पुलिस हटाने की बात असदुद्दीन ओवैसी के भाई करते हैं। अगर 5 मिनट के लिए पुलिस हटा दे तो पाकिस्तान में बैठे इनके अब्बा को भी पता चल जाएगा कि हम कौन हैं? नितेश राणे के इस बयान पर ओपी राजभर ने कहा कि अब वे अनर्गल और बेतुकी बातें कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की बयानबाजी केवल विवाद और अफवाह फैलाने का काम करती है और इससे कुछ हल नहीं होता।