श्रीनगर, 2 मार्च। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में तनावपूर्ण हालात बन चुके हैं। सोमवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में लोग खामेनेई की मौत के विरोध में सड़कों पर उतरे थे, लेकिन श्रीनगर में प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने हिंसक रूप से लिया।
कश्मीर के सभी जिलों में एहतियात के तौर पर पाबंदियां लगाई गई हैं। भारी सुरक्षा तैनात है। इसके बावजूद सोमवार को लोग प्रदर्शन करने पहुंचे। इसी बीच, प्रदर्शन हिंसक हो गया और सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
तस्वीरों में सुरक्षाबलों की ओर से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते हुए और आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए देखा गया। सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भी बरसाईं।
श्रीनगर में मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं और प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय अगले दो दिनों तक बंद रहेंगे। प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को 3 मार्च को बंद करने का आदेश दिया है।
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। मैंने सभी समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने का आह्वान किया।"
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष पर चिंताएं जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मुख्यमंत्री (उमर अब्दुल्ला) ने ईरान में हो रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर है। उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने, संयम रखने और ऐसे किसी भी कार्य से बचने की अपील की है, जो तनाव या अशांति का कारण बन सकते हैं।"