नई दिल्ली, 2 मार्च। मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध जैसे हालात के मद्देनजर केंद्र सरकार ने देशभर में कानून-व्यवस्था को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर ईरान के समर्थन या विरोध में संभावित प्रदर्शनों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
गृह मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर देश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल सकता है। ऐसे में यदि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ईरान के पक्ष या विपक्ष में प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं, तो स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पत्र में यह भी आगाह किया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व या संगठित समूह प्रदर्शनों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी किसी भी संभावित सुनियोजित साजिश को विफल करने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक संदेशों पर भी नजर रखी जाए, ताकि अफवाहों के जरिए तनाव फैलाने की कोशिशों को समय रहते रोका जा सके। साथ ही, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यकतानुसार एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है।
केंद्र सरकार ने दोहराया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को सख्ती से निपटा जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से समन्वय बनाए रखते हुए शांति और सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार सख्त प्रतिबंध लगाए लगा रही है। लोग अयातुल्ला खामेनेई के पक्ष में एकजुट होकर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका असर राज्यों की कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है।
वहीं जम्मू-कश्मीर में घाटी के कई इलाकों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। श्रीनगर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और स्कूलों को बंद कर दिया गया है।