मदुरै, 1 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने रविवार को मदुरै में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री तिरुप्परनकुंद्रम मुरुगन मंदिर भी पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना भी की।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने थिरु पूर्ण चंद्रन के परिजनों से भी मुलाकात की। पीएम मोदी ने खुद इस मुलाकात की जानकारी दी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि रविवार को मदुरै में मुझे थिरु पूर्ण चंद्रन की याद आई। यह सब राज्य में डीएमके सरकार की असंवेदनशीलता के कारण हुआ और चाहे वे कुछ भी करें, सत्य की जीत होगी। भगवान मुरुगन के भक्तों की जीत होगी। मैंने उनकी पत्नी, थिरुमति इंदुमती और उनके बेटों से मुलाकात की।
थिरु पूर्ण चंद्रन भगवान मुरुगन के भक्त थे। पिछले साल दिसंबर में मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित कार्तिगई दीपम को प्रज्वलित किए जाने के विरोध में उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने थिरु पूर्ण चंद्रन के परिजनों से मुलाकात की और डीएमके सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने डीएमके की सरकार को असंवेदनशील बताया और कहा कि वह कुछ भी करें, लेकिन जीत सत्य की होगी।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि तमिलनाडु के ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों को विश्व धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तमिल सभ्यता के संरक्षण और उसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव तमिलनाडु के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। उन्होंने कहा, “कुछ लोग फिर से सत्ता में लौटने का सपना देख रहे हैं, लेकिन इस विशाल जनसमूह को देखकर उनके सपने मृगतृष्णा की तरह गायब हो जाएंगे। जनता ने डीएमके को हटाकर एनडीए को सत्ता में लाने का निर्णय कर लिया है।”
उन्होंने डीएमके सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि 2021 में 25 साल बाद पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद वह प्रभावी शासन देने में विफल रही है। उन्होंने 2014 से पहले डीएमके-कांग्रेस गठबंधन पर मदुरवोयल फ्लाईओवर और तूतीकोरिन पोर्ट शिपिंग चैनल परियोजना जैसे अहम प्रोजेक्ट रोकने का आरोप लगाया और दावा किया कि केंद्र में एनडीए की सरकार आने के बाद इन्हें फिर से शुरू किया गया।