डराने लगी अमेरिका-ईरान जंग! अगर छिड़ी तो कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर पार, भारत को बड़ा झटका

अमेरिका-ईरान जंग से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने की उम्मीद


नई दिल्ली, 1 मार्च। अमेरिका-ईरान जंग से अगर होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होता है तो कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वहीं, अगर यह बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदलता है तो यह कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। यह जानकारी रविवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया कि फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत 72.8 डॉलर प्रति बैरल के करीब है और एक सीमित जवाबी हमले से कीमतें 5-10 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं और ईरानी ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान होने से कच्चे तेल की कीमतें 10-12 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमत में प्रति 1 डॉलर की वृद्धि से भारत का वार्षिक आयात बिल लगभग 2 अरब डॉलर बढ़ जाता है, जिससे व्यापार संतुलन पर दबाव पड़ता है।

वैश्विक तेल प्रवाह का लगभग 20 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है और भारत के कच्चे तेल आयात का 40 प्रतिशत से अधिक इसी मार्ग से होता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट भविष्य में शेयर बाजार के आय-आधारित व्यापार से तेल-आधारित ट्रेडिंग की ओर बढ़ने की संभावना है।

ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र को अपेक्षाकृत समर्थन मिल सकता है, जबकि तेल से प्रभावित क्षेत्र जैसे तेल वितरक कंपनियों, पेंट, टायर, विमानन और केमिकल सेक्टर दबाव का सामना कर सकते हैं। मौजूदा आर्थिक वृद्धि के परिदृश्य में भारतीय शेयर बाजारों के लिए कच्चा तेल प्रमुख मैक्रो वेरिएबल बना हुआ है।

ब्रोकर फर्म ने कच्चे तेल की कीमत और शेयर बाजारों के बीच संबंध को समझाते हुए कहा, “निकट भविष्य में रुपए में गिरावट की आशंका है, और संभवतः आरबीआई विदेशी मुद्रा भंडार के माध्यम से हस्तक्षेप कर सकता है।

लंबे समय तक तनाव बने रहने से रसद और समुद्री बीमा की लागत बढ़ सकती है, खाड़ी के शिपिंग मार्गों में बाधा आ सकती है और व्यापार संतुलन पर दबाव पड़ सकता है।

कंपनी ने कहा कि ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसी तेल उत्पादक कंपनियों को बेहतर लाभ मिल सकता है, जबकि एचएएल और बीईएल जैसी रक्षा कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।

अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और आईआरजीसी, खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए।

शनिवार को, अमेरिका और इजरायल ने ईरानी परमाणु सुविधाओं, मिसाइल अवसंरचना और कमान केंद्रों पर समन्वित हमले किए। इसके बाद ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करके जवाबी कार्रवाई की।
 

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