ईरान संकट पर बोम्मई का बयान: केंद्र संग मिलकर फंसे कन्नड़ भाषियों को सुरक्षित लाना हमारी प्राथमिकता

ईरान की स्थिति पर बोले बसवराज बोम्मई, केंद्र के साथ मिलकर कन्नड़ भाषी लोगों को वापस लाना हमारा कर्तव्य


हावेरी (कर्नाटक), 1 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा कि ईरान और अन्य अशांत मध्य पूर्वी देशों से कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय करना हम सबका कर्तव्य है।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार को दुबई में रहने वाले कन्नड़ भाषी लोगों और वहां स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से दुबई और अन्य मध्य पूर्वी देशों में फंसे लोगों को अस्थायी भोजन और आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए और उन्हें तुरंत वापस लाना चाहिए।

बसवराज बोम्मई ने कहा कि भारत सरकार के साथ समन्वय करके कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीयों को सुरक्षित रूप से मातृभूमि वापस लाना हम सबकी जिम्मेदारी है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बेहद चिंताजनक है और इसका असर भारत पर भी पड़ेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पेट्रोलियम क्षेत्र पर काफी असर पड़ेगा और अर्थव्यवस्था पर भी इसका बड़ा प्रभाव होगा। उन्होंने आगे कहा कि इस संघर्ष के परिणामों का सामना पूरी दुनिया को करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पहले बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाना उचित होगा। कई मध्य पूर्वी देश युद्ध से प्रभावित हैं और भारतीय, विशेषकर वहां रहने वाले कन्नड़ भाषी फंसे हुए हैं। कई कन्नड़ भाषी काम की तलाश में दोहा, दुबई और कुवैत गए हैं। यूरोप से आने वाले लोगों का दुबई और दोहा से होकर गुजरना भी आम बात है और उनमें से कई अब वहां फंसे हुए हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही कई कदम उठाए हैं और राज्य सरकार भी उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि सीरिया और इराक में पहले हुए संघर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीयों को सफलतापूर्वक सुरक्षित वापस लाया था।

बोम्मई ने कहा कि भारतीयों, विशेषकर कन्नड़ भाषी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वहां कई लोग धन और भोजन की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बड़ी संख्या में कन्नड़ भाषी दुबई में रह रहे हैं, और राज्य सरकार को उनके और भारतीय दूतावास के माध्यम से अस्थायी भोजन और आवास की व्यवस्था करनी चाहिए और उन्हें वापस लाने के लिए तत्काल उपाय करने चाहिए।
 

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