न्यूयॉर्क, 1 मार्च। सुरक्षा परिषद में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर परिणामों के साथ संभावित व्यापक संघर्ष की चेतावनी दी है। इसमें अमेरिका और इजरायल एक तरफ और ईरान व रूस दूसरी तरफ, मध्य पूर्व में नवीनतम तनाव को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और खाड़ी क्षेत्र में ईरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई के बाद शनिवार को परिषद की आपातकालीन बैठक में गुटेरेस ने कहा, "सैन्य कार्रवाई से दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की शृंखला शुरू होने का खतरा है जिसे कोई नियंत्रित नहीं कर सकता।"
पिछले सप्ताह जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता में हुई बातचीत और अगले सप्ताह विएना में परमाणु मुद्दों पर होने वाली तकनीकी बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे इस कूटनीति के अवसर के व्यर्थ जाने का गहरा अफसोस है।"
दोनों पक्षों द्वारा किए गए हमलों की निंदा करते हुए उन्होंने तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया।
अमेरिकी स्थायी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज़ ने कहा कि "यह एक ऐसा क्षण था जिसमें ऐतिहासिक स्पष्टता की आवश्यकता थी" और अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करेगा कि "ईरानी शासन कभी भी परमाणु हथियार से दुनिया को धमकी न दे सके।"
उन्होंने कहा, "यह वैश्विक सुरक्षा का मामला है।" अमेरिका का अपने पड़ोसियों को धमकी देने वाली ईरान की मिसाइल प्रणाली को समाप्त करने का एक केंद्रित रणनीतिक उद्देश्य था।
उन्होंने कहा कि ईरान ने "लगातार आक्रामकता और हिंसा" की है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने अमेरिका और इजरायल पर नागरिक क्षेत्रों पर हमले कर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "'पूर्वव्यापी हमले' का आह्वान, आसन्न खतरे के दावे या अन्य निराधार राजनीतिक दावे कानूनी, नैतिक और राजनीतिक रूप से निराधार हैं।" उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह शांतिपूर्ण है।
रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने अमेरिका-इजरायल के हमले की निंदा करते हुए इसे "एक संप्रभु और स्वतंत्र संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश के खिलाफ एक और अकारण सशस्त्र आक्रामकता" बताया।
इससे पूरे क्षेत्र को खतरा है और उन्होंने इराक युद्ध के बारे में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के बयानों का जिक्र किया। नेबेंजिया ने कहा कि 2023 में वैंस ने कहा था कि “इराक अभियान ‘अनिवार्य’ था, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष इराकी और अमेरिकी मारे गए, और वाशिंगटन को इससे सबक सीखने की जरूरत थी।”
उन्होंने कहा, “हालांकि, जैसा कि बाद में पता चला, यह सबक कभी नहीं सीखा गया।” इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि डैनी डैनन ने ईरान में बार-बार लगाए जा रहे उन नारों का जिक्र किया जिनमें अमेरिका और इजरायल की मौत की मांग की जा रही थी और कहा, “हम चरमपंथ को बेकाबू होने से पहले ही रोक रहे हैं।”