पीएम मोदी गदगद: साणंद अब विकास और नवाचार का नया 'जीवंत केंद्र', लोगों ने दिल से सराहा

साणंद आज विकास और नवाचार का जीवंत केंद्र : प्रधानमंत्री मोदी


नई दिल्ली, 1 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद दौरे के बाद यहां के लोगों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि साणंद विकास और नवाचार का जीवंत केंद्र बन गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर रोड शो का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने शनिवार को गुजरात दौरे के बीच साणंद में रोड शो किया था।

पीएम मोदी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "साणंद ने पिछले कई सालों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। पहले इसे कुछ लोग एक साधारण जगह मानते थे, लेकिन आज यह विकास और नवाचार का एक जीवंत केंद्र बन चुका है। शनिवार का रोड शो, जो एक गर्म दोपहर में हुआ, यह दिखाता है कि साणंद के लोग विकास की दिशा में किए गए प्रयासों को कितनी सराहना करते हैं।"

इससे पहले, शनिवार को पीएम मोदी ने साणंद में माइक्रोन एटीएमपी (असेंबली, टेस्ट, मार्किंग और पैकेजिंग) केंद्र का उद्घाटन किया। वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत का प्रतीक यह ऐतिहासिक आयोजन, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्व की ओर भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस परियोजना का शिलान्यास सितंबर 2023 में हुआ था और यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत स्वीकृत होने वाला पहला प्रस्ताव था। इसे 22,500 करोड़ रुपए से अधिक के कुल परिव्यय के साथ, निर्माण कार्य स्वीकृति के तुरंत बाद शुरू किया गया। इससे देश में रणनीतिक सेमीकंडक्टर निवेश को गति देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का पता चलता है।

साणंद संयंत्र पूरी तरह से चालू हो जाने पर लगभग 5 लाख वर्ग फुट का क्लीनरूम क्षेत्र उपलब्ध होगा और यहां दुनिया के सबसे बड़े रेज़्ड-फ्लोर क्लीनरूम में से एक बन जाएगा। यह संयंत्र दुनिया भर के ग्राहकों की सेवा करने और एआई और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग में तेजी से हो रही प्रगति के कारण मेमोरी और स्टोरेज समाधानों की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साणंद में हम एक नए भविष्य की शुरुआत देख रहे हैं। माइक्रोन के एटीएमपी केंद्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत वैश्विक प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला में भारत की भूमिका को मजबूत करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने 'नए भारत' की मानसिकता उल्लेख किया, जहां नीति से उत्पादन की ओर परिवर्तन अभूतपूर्व गति से हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत ने जटिल नियामक प्रक्रियाओं को काफी हद तक सरल बना दिया है और कुछ ही महीनों में अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों (एपीए) को सफलतापूर्वक मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में भी इस प्रक्रिया को पूरा होने में आमतौर पर तीन से पांच वर्ष लग जाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "जब इरादा स्पष्ट होता है और राष्ट्र के तीव्र विकास के प्रति समर्पण होता है, तो नीतियां पारदर्शी हो जाती हैं और निर्णय गति पकड़ते हैं।"
 

Similar threads

Forum statistics

Threads
11,679
Messages
11,716
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top