श्रीनगर, 28 फरवरी। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शनिवार को 'विकसित भारत युवा संसद 2026' का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम युवाओं को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने और उन्हें विकसित भारत 2047 के विजन से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
एक आयोजक ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि 'माय भारत' प्लेटफॉर्म और एनएसएस (नेशनल सर्विस स्कीम) राष्ट्रीय स्तर पर विकसित भारत कार्यक्रम के तहत कई तरह की गतिविधियां कराते हैं। इन गतिविधियों में दो प्रमुख कार्यक्रम हैं, युवा संसद और युवा कनेक्ट प्रोग्राम। उन्होंने कहा कि युवा संसद का आयोजन देशभर के 700 से अधिक जिलों में किया जा रहा है, और खुशी की बात है कि इसमें जम्मू-कश्मीर के लगभग सभी जिले शामिल हैं। आज श्रीनगर जिले में इसी कड़ी के तहत युवा संसद कराई जा रही है।
आयोजक ने आगे बताया कि दूसरा अहम कार्यक्रम युवा कनेक्ट प्रोग्राम है। इसका उद्देश्य यह है कि सरकार द्वारा पहचाने गए आइकन युवाओं के साथ सीधे संवाद करें। वे देश के विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा करते हैं और युवाओं को अपनी बात रखने का मौका मिलता है। डिबेट और डिस्कशन के जरिए छात्रों को यह समझाया जाता है कि विकसित भारत के निर्माण में उनकी क्या भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एक बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है, जो प्रधानमंत्री द्वारा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। श्रीनगर में आज का आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में भाग लेने वाली एक छात्रा ने कहा कि इस मंच के जरिए उन्हें 'आपातकाल के 50 साल' जैसे ऐतिहासिक विषयों के बारे में भी जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ उस समय की पाबंदियों के बारे में नहीं जानना चाहिए, बल्कि यह भी समझना चाहिए कि देश ने किस तरह उस दौर से बाहर निकलकर वापसी की। लोगों ने कैसे लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव लाया और नई सरकार बनाई। इससे युवाओं को यह एहसास होता है कि वे सिर्फ भविष्य के ही नेता नहीं, बल्कि वर्तमान के जिम्मेदार हिस्सेदार भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए ताकि युवाओं में जागरूकता बनी रहे और वे अतीत की गलतियों को दोहराने से बच सकें।
एक अन्य छात्रा ने बताया कि यह संसदीय कार्यक्रम उनके लिए काफी लाभदायक रहा। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें संसद की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मिली, जैसे प्रतिनिधि कैसे अपनी बात रखते हैं, बिल कैसे पेश होते हैं और उन पर चर्चा कैसे होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से न सिर्फ मौजूदा छात्रों को फायदा मिलता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यह बहुत उपयोगी है। इससे युवाओं को अपने भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलती है।