चेन्नई, 28 फरवरी। चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ईसीआर) पर लोगों के डूबने की घटनाएं बढ़ने के बाद तांबरम सिटी पुलिस ने नियमों को और सख्त कर दिया है। पिछले 14 महीनों में समुद्र तट पर 17 लोगों की जान डूबने से हुई है। इन हादसों की वजह से पुलिस ने गश्त तेज कर दी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच, कनाथुर, कोवलम, मुत्तुकाडु, उथंडी, रेड्डीकुप्पम और नैनारकुप्पम सहित कई जगहों से लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। इनमें से, कोवलम बीच एक प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में उभरा, जहां चार मौतें हुईं। जिनमें से तीन छात्र और एक निजी क्षेत्र का कर्मचारी था। अन्य क्षेत्रों में भी बार-बार घटनाएं हुई हैं।
ब्लू बीच और सेम्मनचेरी कुप्पम में दो-दो लोग डूबे । नैनारकुप्पम में महाराष्ट्र के दो पर्यटकों की मौत की खबर आई, जबकि उथंडी में डूबने की दो घटनाएं दर्ज की गईं। ताजा हादसा 21 फरवरी को कनाथुर में हुआ, जहां खराब मौसम के बीच तेज लहरों ने दो पर्यटकों को समुद्र में बहा दिया।
अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर मामलों में शुरुआती जांच से पता चला है कि पीड़ित समुद्र की स्थिति का आकलन किए बिना या चेतावनी संकेतों पर ध्यान दिए बिना पानी में उतरे थे। पूर्वी केंद्रीय सागर के तट पर तेज समुद्री धाराएं, अचानक गहराई में बदलाव और लहरों के अशांत पैटर्न छिपे हुए खतरे पैदा करते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में तैरने और लाल झंडों को नजरअंदाज करने से मौतों में बढ़ोतरी हुई। तांबरम पुलिस आयुक्त ए. अमलराज ने कहा कि समुद्र तट पर जाने वालों को मौसम संबंधी चेतावनी के दौरान तट पर जाने से बचना चाहिए, तेज लहरों या चट्टानी इलाकों के पास सेल्फी लेने से बचना चाहिए और शराब पीने के बाद समुद्र से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
गर्मी के मौसम में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। यही वजह है कि पुलिस ने गश्त बढ़ाई है, और अतिरिक्त चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्र तट जोखिम-मुक्त मनोरंजन क्षेत्र नहीं हैं और परिवारों, पर्यटकों और युवा समूहों से सतर्क रहने और जिम्मेदारी से काम करने का आग्रह किया ताकि आगे और जानमाल का नुकसान न हो।