तिरुवनंतपुरम, 27 फरवरी। वीडी सतीशन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज राज्य की जनता के बीच उपहास का विषय बन गई हैं।
अडूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “उनका नाम लेते ही लोग हंसने लगते हैं।”
सतीशन ने आरोप लगाया कि माकपा ने यह “स्पष्ट झूठ” व्यापक रूप से प्रचारित किया कि बुधवार को कन्नूर में केएसयू के प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज घायल हो गई थीं, और इसी आधार पर पूरे केरल में हिंसा भड़काई जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल एक केएसयू नेता के घर पर बम फेंका गया तथा केएसयू कार्यकर्ताओं को हत्या के प्रयास के आरोप में जेल भेजने के लिए झूठे मुकदमे गढ़े गए।
बताया गया कि वीणा जॉर्ज के कन्नूर रेलवे प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के दौरान उनके खिलाफ प्रदर्शन और काले झंडे दिखाने के आरोप में केएसयू के पांच कार्यकर्ता गिरफ्तार कर फिलहाल जेल में हैं।
सतीशन ने कहा कि केरल की जनता के सामने यह स्पष्ट हो चुका है कि मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और सीपीआई-एम के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने कन्नूर रेलवे प्लेटफॉर्म की घटना को लेकर जो बयान दिए, वे झूठ थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीआई-एम नेताओं ने जिस हमले का हवाला देकर राज्यव्यापी अशांति का आह्वान किया, वह घटना हुई ही नहीं।
सतीशन ने यह भी कहा कि उनकी यात्रा से संबंधित प्रचार सामग्री को पथानामथिट्टा, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम में नष्ट किया गया तथा कई लोग इन घटनाओं में घायल हुए। उनके अनुसार, कुछ घरों पर देसी बमों से हमला भी किया गया।
माकपा के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन पर टिप्पणी करते हुए सतीशन ने कहा कि केएसयू कार्यकर्ताओं द्वारा मंत्री का दुपट्टा और हाथ पकड़ने के आरोप निराधार हैं और हिंसा भड़काने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि “हमले की कहानी” स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश थी, जो अब ध्वस्त हो चुकी है।
सतीशन ने कहा, “मेडिकल बुलेटिन में हमले से लगी किसी चोट का उल्लेख नहीं है। मीडिया, रेलवे और जनता जानती है कि यह केवल एक नाटक था।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सर्जरी की संभावना संबंधी खबरें प्रसारित होने के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
उन्होंने केएसयू कार्यकर्ताओं पर लगाए गए हत्या के प्रयास के आरोप वापस लेने तथा कथित रूप से हिंसा भड़काने के लिए एम.वी. गोविंदन के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
सतीशन ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संघर्ष करेगा और माकपा को तत्काल हिंसा समाप्त करनी चाहिए।