नई दिल्ली, 27 फरवरी। वैसे तो शरीर का हर अंग महत्वपूर्ण होता है, लेकिन कुछ अंग ऐसे होते हैं जो साइलेंट वॉरियर की तरह काम करते हैं।
ऐसा ही एक बेहद जरूरी अंग है पैंक्रियास, जिसके बारे में बहुत कम लोग ही बात करते हैं। बाकी अंगों की तरह पैंक्रियास की देखभाल करना भी बहुत जरूरी है क्योंकि इसकी समस्या पाचन और ऊर्जा को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
पैंक्रियास को “लाइफ कंट्रोल सेंटर” भी कह सकते हैं क्योंकि यह अकेला अंग ऊर्जा, पाचन और शुगर तीनों को नियंत्रित करने में मदद करता है। जैसे ही इसकी कार्यप्रणाली कमजोर पड़ती है, तब डायबिटीज, पाचन खराब, कमजोरी और सूजन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। यह हमारे शरीर में दो मुख्य काम करता है। पहला पाचन को सही रखना और दूसरा शुगर को कंट्रोल करना।
पैंक्रियास भोजन को पचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और पेट में ऐसे हॉर्मोन या एंजाइम बनाता है, जो प्रोटीन को तोड़ने, फैट को पचाने और कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलने में मदद करते हैं। इन तीन स्टेप्स के बाद ही पेट में पाचन की प्रक्रिया सही तरीके से हो पाती है और शरीर को पूरी ऊर्जा और पोषण मिलता है। वहीं अगर पाचन प्रक्रिया में किसी तरह की कोई गड़बड़ी है तो गैस, अपच और कब्ज की शिकायत होने लगती है।
पैंक्रियास शुगर को कंट्रोल करने में भी सहायक है। यह अंग इंसुलिन और ग्लूकागन नाम के दो हॉर्मोन बनाता है। इंसुलिन रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है और ग्लूकागन शुगर को बढ़ाता है। अगर यह दोनों असंतुलित है तो मधुमेह की बीमारी होना तय है।
अब सवाल है कि पैंक्रियास की देखभाल कैसे करें। पैंक्रियास को स्वस्थ रखने के लिए हल्का और संतुलित भोजन करना चाहिए। इसके लिए आहार में दाल, सब्जी, और मोटा अनाज शामिल करें। इसके अलावा, तला-भुना और अत्यधिक मीठा खाने से परहेज करें। जीवनशैली को दुरुस्त बनाए रखने के लिए रोजाना योग करें। सुबह की शुरुआत अनुलोम-विलोम और कपालभाति से करें। इससे पैंक्रियास में रक्त का संचार अधिक होगा और हॉर्मोन संतुलित तरीके से बनेंगे।