गांधीनगर, 25 फरवरी। गुजरात में कुल 16.63 लाख स्टूडेंट्स 26 फरवरी से अपनी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं देंगे। राज्य सरकार ने परीक्षा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए तमाम इंतजाम का भरोसा दिया है।
मंत्री जीतू वघानी ने परीक्षा से पहले सभी छात्रों और उनके माता-पिता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि परीक्षा को एंग्जायटी की वजह के बजाय एक मौके की तरह देखना चाहिए। परीक्षा जिंदगी का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से कॉन्फिडेंस के साथ और बिना मेंटल प्रेशर के अपने पेपर देने की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में स्टूडेंट्स के साथ परीक्षा पे चर्चा के दौरान हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को सेल्फ-कॉन्फिडेंस के साथ और बिना स्ट्रेस के एग्जाम देने के लिए हिम्मत दी थी। उन्होंने कहा कि हर इंसान में एक यूनिक काबिलियत होती है। अपनी ताकत पहचानें और अपनी स्किल्स पर फोकस करें। बिना किसी चिंता के एग्जाम दें।
अधिकारिक डेटा के मुताबिक, 10वीं क्लास के 9.07 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे। वहीं, 12वीं की परीक्षा में जनरल स्ट्रीम के 5.01 लाख से ज्यादा और साइंस स्ट्रीम के 1.19 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। इसके अलावा, जीयूजेसीईटी के लिए रजिस्टर्ड कैंडिडेट भी इस दौरान परीक्षा देंगे, जिससे राज्य भर में कुल एग्जाम देने वालों की संख्या 16.63 लाख हो जाएगी।
वघानी ने बताया कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने सभी एग्जाम सेंटर पर जरूरी सुविधाएं और कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में और डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के सपोर्ट से, सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं ताकि स्टूडेंट शांत माहौल में अपने एग्जाम दे सकें।
उन्होंने माता-पिता से भी घर पर सपोर्टिव माहौल बनाए रखने की अपील की। मंत्री ने कहा कि माहौल हल्का रखें और अपने बच्चों पर ज्यादा प्रेशर डालने के बजाय उनकी हिम्मत बढ़ाएं। छात्रों को उनके पेपर के दौरान शांत रहने के लिए हिम्मत देते हुए वघानी ने कहा कि पेपर लिखते समय, अपना दिमाग शांत रखें और जो आप जानते हैं उसे सबसे अच्छे तरीके से बताएं। आपकी मेहनत जरूर रंग लाएगी।