झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री का गंभीर आरोप: "केंद्र राजनीतिक बदले के लिए रोक रहा राज्य का फंड"

झारखंड विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान बोले वित्त मंत्री- केंद्र राजनीतिक कारणों से रोक रहा झारखंड के हिस्से का वाजिब फंड


रांची, 25 फरवरी। झारखंड विधानसभा में बुधवार को राज्य सरकार के बजट पर हुई चर्चा में सरकार की ओर से जवाब देते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार पर राज्य की उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक कारणों से झारखंड का वाजिब आर्थिक हिस्सा रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और अनुदान में कटौती की गई है।

वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं है, इसलिए सहयोग में भेदभाव किया जा रहा है। वित्त मंत्री के वक्तव्य पर विरोध जताते हुए भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। किशोर ने कहा कि सत्ता और विपक्ष-दोनों का लक्ष्य राज्य का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। जनता की सेवा ही जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता है। यदि जनता के साथ छल होगा, तो अगली बार जनता मौका नहीं देगी।

वित्त मंत्री ने वर्ष 2026-27 के बजट का ब्योरा देते हुए बताया कि सामाजिक क्षेत्र के लिए 67,459 करोड़ रुपए, आर्थिक क्षेत्र के लिए 59,044 करोड़ रुपए और सामान्य क्षेत्र के लिए 3,255 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों की मदद, बच्चों की पढ़ाई, किसानों की आय और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है। वर्ष 2001 से अब तक 8 लाख 56 हजार 404 करोड़ रुपए की स्वीकृति इसी सदन ने दी है। पहली बार स्थापना मद की राशि बढ़ाई गई है ताकि मानव संसाधन की कमी दूर की जा सके।

उन्होंने बताया कि अब तक 38 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है। कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष 50 लाख मीट्रिक टन धान और 10 लाख मीट्रिक टन दलहन का उत्पादन हुआ है। राज्य मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, जबकि दुग्ध उत्पादन और बागवानी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

राज्य में डीएमएफटी फंड की ऑडिट में सामने आए 10 हजार करोड़ रुपए की गड़बड़ी के मामले पर उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जांच होगी और यदि किसी प्रकार की बिचौलियागिरी पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजी निवेश के बिना राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रयासों का परिणाम अगले दो वर्षों में दिखेगा और अधिक निवेश आएगा।

उन्होंने 450 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और अन्य घोषणाओं के अनुपालन का भी भरोसा दिलाया। सदन में की गई घोषणाओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की घोषणा की गई। यह समिति मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वित्त मंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करेगी और उसी वित्तीय वर्ष में क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
 
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