चंडीगढ़, 25 फरवरी। हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन बुधवार को भी सदन में हंगामा देखने को मिला। सदन में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के हाउस अरेस्ट पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को जवाब देना होगा।
हरियाणा विधानसभा नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ''प्रदेश में कांग्रेस नेताओं को जो हाउस अरेस्ट किया गया है, अगर वह सरकार के आदेश हैं, तो सीएम सदन में बताएं। इस तरह से तानाशाही नहीं चल सकती है। हरियाणा पुलिस ने हमारे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया है।''
इसके बाद भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हाई कोर्ट ने ट्रैफिक जाम पर संज्ञान लिया है। हमारे प्रदर्शन से किसी को परेशानी नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। हाउस अरेस्ट किसी को नहीं किया है।
इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया।
वहीं, कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। सुरजेवाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अब कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन रोकने हेतु हरियाणा की भाजपा सरकार की मदद में चंडीगढ़ पुलिस भी आ खड़ी हुई है। जिलों में हमारे नेताओं और साथियों को हाउस अरेस्ट किया और कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय- 140, सेक्टर 9- में ऐसे उलजलूल नोटिस और पुलिस भेज हमारे अध्यक्ष और साथियों को रोकने की साजिश कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का व्यवहार पूरी तरह कायराना है, तानाशाही है और असल में सरकार की गुंडागर्दी है। जान लें, सत्ता स्थायी नहीं पर जनता बलवान है और लोगों की आवाज दबाने की सजा सत्ता की शहतीर पर बैठे हुक्मरानों को अवश्य मिलेगी। कांग्रेस के साथी ना रुकेंगे, ना झुकेंगे।
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारी पार्टी का चंडीगढ़ में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम था, लेकिन इस तानाशाही सरकार ने चंडीगढ़ आ रहे पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। हम सवाल करना चाहेंगे कि क्या इस लोकतंत्र में मजदूर की आवाज को उठाना गलत है? अगर ये गलत है, तो कांग्रेस पार्टी ये बार-बार करेगी।