नई दिल्ली, 25 फरवरी। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों की समस्याएं अब आम परेशानी बन चुकी हैं। कम उम्र में बाल झड़ना, रूखापन, दोमुंहे बाल और डैंड्रफ बड़ों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं में भी देखने को मिल रहे हैं। इसकी वजह है प्रदूषण, तनाव, गलत खानपान और केमिकल से भरे प्रोडक्ट्स, जो बालों को अंदर से कमजोर बना देते हैं। ऐसे में लोग आयुर्वेदिक उपायों की ओर बढ़ रहे हैं, इन उपायों में से एक दही है।
आयुर्वेद में दही को ठंडक देने वाला माना गया है। यह शरीर और त्वचा की गर्मी को संतुलित करने में मदद करता है। जब स्कैल्प में ज्यादा गर्मी होती है, तो बालों की जड़ें कमजोर पड़ने लगती हैं। दही स्कैल्प को ठंडक देकर इस असंतुलन को कम करता है। वहीं, दही में मौजूद लैक्टिक एसिड, प्रोटीन और अच्छे बैक्टीरिया बालों और स्कैल्प के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि दही स्कैल्प की गहराई से सफाई करता है। रोजमर्रा की धूल, पसीना और केमिकल प्रोडक्ट्स की परत स्कैल्प पर जम जाती है, जिससे बालों की जड़ें ठीक से सांस नहीं ले पातीं। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड इस गंदगी को धीरे-धीरे हटाने में मदद करता है। इससे स्कैल्प साफ रहती है और नए बालों की ग्रोथ अच्छी होती है।
बालों की मजबूती के मामले में भी दही किसी टॉनिक से कम नहीं है। दही में पाए जाने वाले प्रोटीन बालों की जड़ों को पोषण देते हैं। जब जड़ें मजबूत होती हैं, तो बालों का टूटना और झड़ना अपने आप कम होने लगता है। डैंड्रफ यानी रूसी की समस्या भी हल होती है। दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया स्कैल्प के संतुलन को सुधारते हैं और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से दही लगाने से खुजली और रूसी में धीरे-धीरे आराम मिलने लगता है।
दही एक नेचुरल कंडीशनर की तरह भी काम करता है। जिन लोगों के बाल बहुत रूखे हैं, उनके लिए दही किसी वरदान से कम नहीं है। यह बालों में नमी बनाए रखता है, जिससे बाल मुलायम बनने लगते हैं और टूटते भी कम हैं।
दही का इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। ताजा दही को अच्छे से फेंटकर बालों में लगाएं। अगर चाहें तो इसमें शहद, अंडा या केला मिला लें, ताकि इसका असर बढ़ सके। इसे कुछ देर बालों में लगाने के बाद हल्के शैंपू से धो लें।