सीएम सिद्दारमैया ने सरकारी भर्तियों पर किया गुमराह! बी. विजयेंद्र बोले - 40 की जगह सिर्फ 8 हजार पद भरे

सीएम सिद्धारमैया ने सरकारी पदों पर भर्ती को लेकर जनता को किया गुमराह: बी वाई विजयेंद्र


बेंगलुरु, 25 फरवरी। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और विधायक बी. वाई विजयेंद्र ने बुधवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर राज्य में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भरे गए सरकारी पदों की संख्या के संबंध में जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

विजयेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा के अंदर और बाहर विरोधाभासी जानकारी प्रस्तुत की है। विधानसभा में सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा प्रशासन के तीन वर्षों के दौरान केवल 8,157 सरकारी भर्तियां पूरी हुई हैं।

हालांकि, विजयेंद्र ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि 40,000 पद भर दिए गए हैं, जो झूठा और भ्रामक है।

विजयेंद्र ने सवाल उठाया कि सरकार कब तक जनता को गुमराह करती रहेगी और कहा कि ऐसे दावे राज्य के बेरोजगार युवाओं के साथ विश्वासघात के समान हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे सिद्दारमैया की यह जिम्मेदारी है कि वे जनता को सटीक जानकारी दें। भ्रामक बयान बेरोजगार युवाओं में हताशा और आक्रोश को बढ़ा सकते हैं।

विजयेंद्र ने सरकार से लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करने और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों की चिंताओं को दूर करने का आग्रह किया। इसके साथ ही झूठे दावे फैलाना बंद करने और बिना किसी देरी के रिक्त सरकारी पदों को भरकर बेरोजगार युवाओं को न्याय देने का आह्वान किया।

धारवाड़ में सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को छात्रों से शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और त्वरित भर्ती का भरोसा दिया।

उन्होंने कहा था कि जब हमने पदभार संभाला, तब 2.64 लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त थे। यह भारी रिक्ति रातोंरात उत्पन्न नहीं हुई। यह पिछली भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की लंबे समय तक चली निष्क्रियता का परिणाम थी, जो समय पर भर्तियां शुरू करने या रिक्तियों को भरने के लिए एक संरचित कार्यसूची बनाने में विफल रही।

मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछले ढाई वर्षों में ही विभिन्न विभागों में 40,000 से अधिक भर्तियां पूरी हो चुकी हैं। हम इस बात से भी अवगत हैं कि कई नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को अपनी मर्जी के खिलाफ देरी के कारण वर्षों तक इंतजार करना पड़ा है। इस कठिनाई को समझते हुए, सरकार ने आगामी भर्तियों के लिए आयु सीमा में पांच वर्ष से अधिक की छूट दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योग्य उम्मीदवारों को व्यवस्थागत देरी के कारण अनुचित रूप से वंचित न किया जाए।"
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
10,378
Messages
10,415
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top