लखनऊ, 24 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस बार पेश किए गए बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की तरफ से पिछड़ा वर्ग कल्याण का बजट 3 हजार 402 करोड़ रुपए किया गया। इसके अलावा, दिव्यांगजनों के बजट को भी बढ़ाते हुए 2 हजार 140 करोड़ की राशि तक पहुंचाया गया है। यह सबकुछ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किया गया है, जिसके लिए हम उनकी तारीफ करते हैं।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बताचीत में कहा कि इस बार 38 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति देने में सफल होगा। हमने पत्रकारों के जरिए इस बात की जानकारी दी है। हमने इस संबंध में पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता के आय को भी बढ़ाया गया है। इस आय की राशि को दो लाख रुपए किया गया है। छात्रवृत्ति की शुरुआत हमने 25 सितंबर से की थी। हमारी यही कोशिश रही है कि उत्तर प्रदेश में ओबीसी समुदाय से आने वाले छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो। यही हमारी सरकार की कोशिश है। इस संबंध में हमने पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है, जिसके आधार पर हमारी सरकार मौजूदा समय में काम कर रही है। उधर, दिव्यांगजन विभाग में भी हमारी सरकार की ओर से कई परिवर्तन किए गए हैं, जिसका सकारात्मक असर आगामी दिनों में देखने को मिलेगा।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि अब तक दिव्यांगजनों को एक हजार रुपए की राशि मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया गया है। यह सबकुछ हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किया गया है। हमारा लक्ष्य प्रदेश का सर्वांगीन विकास करना है। हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
साथ ही, मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्कूल कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थानों में धार्मिक गतिविधियों को लेकर उपजे विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें समझना होगा कि शिक्षण संस्थान पढ़ाई के लिए होते हैं, ना की धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न करने के लिए। अगर आपको धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न करना है, तो उसके लिए आपको धार्मिक स्थलों का रुख करना होगा, ना की शिक्षण संस्थानों का।
उन्होंने कहा कि अगर आप कहीं पर भी नमाज पढ़ना शुरू कर देंगे, तो आपको प्रशासन के ऐतराज का सामना करना ही होगा। अगर आपको नमाज ही पढ़नी है, तो आप मस्जिद का रूख कीजिए।
इसके अलावा, मंत्री नरेंद्र कश्यप ने दिल्ली में एआई इंपैक्ट समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन के तरीके की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन था, जिसमें दुनियाभर से कई दिग्गज शामिल हुए थे। इसके अलावा, भारत से भी जुड़े कई दिग्गज शामिल हुए थे। हम पूरी दुनियाभर में इसका प्रतिनिधित्व कर रहे थे। ऐसी स्थिति में जिस तरह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया गया है, वो निंदनीय है। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। हमं अपने समाज में इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। खैर, मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस प्रकरण में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
वहीं, उन्होंने एनसीईआरटी की पुस्तक प्रकरण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से ही विभाजन करने का रहा है। कभी इन लोगों ने जाति के नाम पर लोगों को बांटने का काम किया, तो कभी धर्म के नाम पर। आखिर हो क्या रहा है? मैं तो कुल मिलाकर यही कहूंगा कि कांग्रेस की प्रवृत्ति से पूरा देश वाकिफ है। इस पर ज्यादा चर्चा करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती है। अब देश की जनता ने जाति और धर्म के नाम पर बांटने वाली कांग्रेस को देश की जनता ने सत्ता से बाहर रखने का मन बना लिया है।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आतंकवाद को लेकर भी अपने रुख का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अब तक कार्रवाई हुई है और आगे भी होती रहेगी। इसमें किसी भी प्रकार से किंतु परंतु का सवाल पैदा नहीं होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज की तारीख में हिंदुस्तान खुद को काफी सुरक्षित महसूस कर रहा है। आतंकवादियों ने हमेशा से ही देश में अशांति पैदा करने की कोशिश की है। अब हम ऐसे सभी आतंकवादियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।