मोदी कैबिनेट की बड़ी सौगात! 9,072 करोड़ से रेलवे का विस्तार, मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से चार राज्यों में विकास

मोदी कैबिनेट ने 9,072 करोड़ रुपए की मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी


नई दिल्ली, 24 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने मंगलवार को चार राज्यों में तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं पर कुल 9,072 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

इन परियोजनाओं में गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, पुनारख-किउल तीसरी और चौथी लाइन तथा गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं।

ये तीनों परियोजनाएं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों को कवर करेंगी, जिससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी, और इन परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 5,407 गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जिनकी कुल आबादी करीब 98 लाख है।

क्षमता बढ़ने से देश के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इनमें जबलपुर का कचनार शिव मंदिर, बालाघाट का कान्हा नेशनल पार्क, गंगुलपारा बांध और जलप्रपात, पेंच नेशनल पार्क, धुआंधार जलप्रपात, बरगी बांध, गोमजी-सोमजी मंदिर, चांडिल बांध, दलमा हिल टॉप, हेसाकोचा जलप्रपात, रायजामा घाटी और दलमा वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं।

लाइन क्षमता बढ़ने से आवाजाही में सुधार होगा और भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता तथा सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं संचालन को सुगम बनाएंगी और भीड़भाड़ कम करेंगी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नए भारत' के विजन के अनुरूप हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के माध्यम से 'आत्मनिर्भर' बनने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ये परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाई गई हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों से परामर्श के माध्यम से मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। बयान में कहा गया है कि ये परियोजनाएं लोगों, सामान और सेवाओं के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करेंगी।

ये परियोजनाएं कोयला, स्टील, लौह अयस्क, सीमेंट, गिट्टी-पत्थर, फ्लाई ऐश, उर्वरक, चूना पत्थर, मैंगनीज, डोलोमाइट, खाद्यान्न और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे माल के परिवहन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। क्षमता बढ़ाने से हर साल लगभग 52 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी।

रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्ष परिवहन माध्यम है, जिससे देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और लॉजिस्टिक लागत कम करने में मदद मिलेगी। इससे 6 करोड़ लीटर तेल आयात में कमी और 30 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन में कमी आएगी, जो एक करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top