लालू परिवार में अपराध की लिस्ट बहुत लंबी, अभी और मिलेगी सजा: संजय सरावगी

लालू परिवार में अपराध की लिस्ट बहुत लंबी, अभी और मिलेगी सजा: संजय सरावगी


पटना, 11 जनवरी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट ने आरोप तय किए हैं। इसके बाद से राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि लालू यादव के परिवार के अपराध की सूची लंबी हो गई है। अभी उनको और सजा मिलनी है।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि लालू यादव और उनके परिवार वाले राजनीति के नाम पर आपराधिक सिंडिकेट चला रहे हैं। इन लोगों को एक के बाद एक मामले में सजा मिल रही है। सुरक्षा एजेंसियों को भी पता है कि अभी कई मामलों में खुलासा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि रेलवे जैसे विभाग में नौकरी के बदले जमीन लिखाना बहुत बड़ा अपराध है। युवाओं के साथ लालू यादव और उनके परिवार वालों ने धोखा किया था। इससे पहले भी लालू यादव को कई मामलों में सजा मिल चुकी है।

संजय सरावगी ने कहा कि लालू यादव के समय बिहार के लोगों को कहीं इज्जत नहीं मिलती थी। जब से एनडीए की सरकार सत्ता में वापस आई है, उसके बाद से बिहार का लगातार विकास हो रहा है, आने वाले दिनों में और विकास देखने को मिलेगा।

बिहार भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लालू यादव परिवार के अलावा कुछ सोच भी नहीं पा रहे हैं। इसलिए जब वे जेल गए थे तो ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री बनाया गया था जिनको अपना नाम भी लिखना नहीं आ रहा था। वो दिन भी बिहार को याद है, इसलिए बिहार की जनता एनडीए के साथ है।

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में कुल 98 आरोपियों में से 52 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था, जबकि शेष आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, ऐसे में अब 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलेगा। इस मामले में अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को होगी।

अदालत ने पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव समेत उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी और बच्चों के नाम अचल संपत्तियां जुटाईं। अदालत के अनुसार, इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों ने भी आपराधिक षड्यंत्र में सक्रिय रूप से सहयोग किया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन लेने का एक तरह का एक्सचेंज सिस्टम चल रहा था, जिसके तहत कई लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई और बदले में उनकी या उनके परिजनों की जमीन ली गई।
 

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