बीजिंग, 23 फरवरी। चीन ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष 1 मई से अपने सभी 53 अफ्रीकी देशों, जिनके साथ चीन के राजनयिक संबंध हैं, पर शून्य शुल्क लागू करेगा। इस कदम का अफ्रीकी देशों ने गर्मजोशी से स्वागत किया है। अफ्रीकी विद्वानों का कहना है कि शून्य शुल्क का यह उपाय अफ्रीका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इससे विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
उनके अनुसार इससे अफ्रीका के आर्थिक विकास को गति मिलेगी, साथ ही अफ्रीकी उत्पादों के लिए चीन में प्रवेश करना और वैश्विक विकास के लाभों में अधिक हिस्सेदारी हासिल करना आसान हो जाएगा। व्यापार संरक्षणवाद के बढ़ते माहौल में, चीन की ये कार्रवाई निस्संदेह यह दर्शाती है कि एक सच्चा बहुपक्षीय साझेदार कैसा होता है।
बताया जाता है कि संसाधन आधारित उत्पादों से लेकर कृषि निर्यात तक, इस शून्य-शुल्क पहल का व्यापक दायरा और महत्वपूर्ण प्रभाव है। कई अफ्रीकी देशों को लंबे समय से सीमित निर्यात बाजारों और वित्तपोषण संबंधी कठिनाइयों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है; शून्य-शुल्क उपाय को विकास के नए अवसर खोलने वाला माना जा रहा है।
जोहान्सबर्ग विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पीटर बाउर ने कहा कि यह पहल बहुत महत्वपूर्ण है, जो दक्षिण अफ्रीका को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से सही मायने में लाभ उठाने का अवसर प्रदान करती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)