नई दिल्ली, 23 फरवरी। नेपाल में 5 मार्च को चुनाव होने जा रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, देश के कुछ इलाकों में हिंसा की तस्वीरें सामने आ रही हैं। नेपाली मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, रविवार शाम को दो युवा समूहों के बीच झड़प के बाद परसा जिले के बीरगंज में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है।
नेपाली मीडिया काठमांडू पोस्ट की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ऑफिस परसा ने कहा कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए कर्फ्यू सोमवार सुबह 9:45 बजे से अगली सूचना तक लागू कर दिया गया है। यह आदेश बीरगंज मेट्रोपॉलिटन सिटी के अंदर लागू है।
चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर भोला दहल ने कहा कि कर्फ्यू पूर्व में बाईपास रोड से पश्चिम में सिरसिया नदी तक और उत्तर में गंडक चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट तक के इलाके में लागू है।
कर्फ्यू वाले क्षेत्र में आना-जाना, जमावड़ा, रैली, प्रदर्शन, मीटिंग और धरने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, जरूरी सर्विस देने वाली गाड़ियां, पत्रकार, पहले से तय यूनिवर्सिटी एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट, परीक्षा लेने वाले स्टाफ, टूरिस्ट गाड़ियां, और मानवाधिकार संगठन और डिप्लोमैटिक मिशन की गाड़ियां चल सकती हैं।
ऑफिस ने कहा कि सिक्योरिटी वाले लोग वैलिड एयर टिकट के आधार पर हवाई यात्रियों के आने-जाने में मदद करेंगे।
इससे पहले, रौतहट में शनिवार को दो गुटों के बीच हुई झड़प के बाद स्थानीय प्रशासन ने रौतहट के गौर नगरपालिका क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया था। गौर के कुछ हिस्सों में लगाया गया कर्फ्यू अभी भी लागू है। नेपाली मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, यह तनाव वार्ड 6 के सबगढ़ में शुरू हुआ, जहां कथित तौर पर दो समुदाय के लोगों के बीच एक शादी के जुलूस के दौरान बहस हुई। देखते ही देखते बहसबाजी हिंसा में तब्दील हो गई। इस दौरान पत्थरबाजी और एक गाड़ी में आग लगाने की घटना भी सामने आई।
नेपाली मीडिया काठमांडू पोस्ट के अनुसार, दो गुटों के बीच इससे पहले भी तनाव बढ़ा था और टकराव के बाद शुक्रवार शाम को छह प्वाइंट के समझौते पर सहमति बन गई। हालांकि, इसके बावजूद फिर शनिवार सुबह करीब 9 बजे तनाव फिर से बढ़ गया, जिसके बाद अधिकारियों ने दोपहर 1 बजे से कर्फ्यू लागू कर दिया।