गुलामी की मानसिकता से मुक्ति: राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण

सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का राष्ट्रपति भवन में होगा अनावरण


नई दिल्ली, 23 फरवरी। राष्ट्रपति भवन में सोमवार को 'राजाजी उत्सव' मनाया जाएगा, जिसके तहत स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण राष्ट्रपति परिसर के केंद्रीय प्रांगण में किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 131वें एपिसोड के दौरान बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के दौरान 'पंच-प्राण' के लिए किए गए अपने आह्वान को याद किया।

उन्होंने कहा था कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान मैंने लाल किले से 'पंच-प्राण' की बात की थी। उनमें से एक है गुलामी की मानसिकता से मुक्ति। आज देश गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को महत्व देने लगा है। हमारे राष्ट्रपति भवन ने भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

प्रधानमंत्री ने राजगोपालाचारी के सार्वजनिक जीवन में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, "वे स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल थे। वे उन लोगों में से थे जो सत्ता को पद नहीं बल्कि सेवा मानते थे। सार्वजनिक जीवन में उनका आचरण, संयम और स्वतंत्र सोच आज भी हमें प्रेरित करती है।”

आजादी के बाद भी औपनिवेशिक काल के प्रतीकों के बने रहने पर खेद व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिटिश प्रशासकों की मूर्तियां दशकों तक राष्ट्रपति भवन परिसर में बनी रहीं, जबकि स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रतीकों को वैसी मान्यता नहीं मिली।

उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, आजादी के बाद भी, ब्रिटिश प्रशासकों की मूर्तियों को राष्ट्रपति भवन में रहने की अनुमति दी गई, लेकिन देश के महानतम सपूतों की मूर्तियों को जगह देने से इनकार कर दिया गया।"

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा का जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की एक प्रतिमा भी थी। अब, इस प्रतिमा के स्थान पर राजाजी की प्रतिमा लगाई जाएगी।"

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रोताओं को आगे बताया कि राजजी उत्सव समारोह के अंतर्गत सी. राजगोपालाचारी को समर्पित एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।

यह प्रदर्शनी 24 फरवरी से 1 मार्च तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे राजगोपालाचारी के जीवन और विरासत के बारे में अधिक जानने के लिए जब भी संभव हो प्रदर्शनी का दौरा करें।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top