गुंटूर, 22 फरवरी। केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुंटूर में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों को संबोधित किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश सर्किल को इंडिया पोस्ट के बदलाव की यात्रा में अग्रिम पंक्ति की ताकत बताया।
मंच पर उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद थे। इस मौके को भावनात्मक बताते हुए सिंधिया ने कहा कि उनका और नायडू का रिश्ता कई दशकों पुराना है। उन्होंने बताया कि नायडू ने उनकी दादी विजया राजे सिंधिया और उनके पिता माधवराव सिंधिया के साथ काम किया था।
सिंधिया ने कहा कि आंध्र प्रदेश के एक छोटे से कस्बे का नाम 'सिंधिया' है, जो उनके परिवार की विरासत से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उनके परदादा ने आजादी से पहले आंध्र तट पर जहाजरानी और शिपबिल्डिंग का बड़ा कारोबार शुरू किया था।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक ही गांवों के लोगों की परेशानियों और उम्मीदों को सबसे बेहतर जानते हैं। उन्होंने जीडीएस को भारत माता का चमकता रत्न बताया, जो जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ों से लेकर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तक हर मौसम में सेवा देते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के 6.5 लाख से ज्यादा गांवों में ग्रामीण डाक सेवक सरकार और जनता के बीच भरोसे की कड़ी हैं।
सिंधिया ने बताया कि अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीण डाक सेवकों के लिए छाता, जूते, स्टेशनरी और साइकिल भत्ता जैसी सुविधाएं शुरू की थीं। साथ ही 2009 में गजट नोटिफिकेशन के जरिए उनके बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले का अधिकार दिलाया गया।
उन्होंने कहा कि देशभर में 38 करोड़ से अधिक डाकघर बचत खाते संचालित हो रहे हैं और लगभग 22 लाख करोड़ रुपए की राशि जुटाई गई है। यह लोगों के भरोसे को दिखाता है।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के विजन के तहत इंडिया पोस्ट को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण पार्सल क्रांति में आगे रहेगा।
देश में कृषि निर्यात, एमएसएमई और ई-कॉमर्स बढ़ने से अंतिम छोर तक सामान पहुंचाने की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 1.65 लाख से ज्यादा डाकघरों के नेटवर्क के साथ इंडिया पोस्ट प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा रहेगा।