दिल्ली में रंग-बिरंगे ट्यूलिप से सजेगा शांति पथ, एनडीएमसी वार्षिक महोत्सव का 23 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन

एनडीएमसी वार्षिक ट्यूलिप महोत्सव का 23 फरवरी को करेगी उद्घाटन


नई दिल्ली, 22 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी के मध्य स्थित शांति पथ लॉन में सोमवार को नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) द्वारा आयोजित वार्षिक ट्यूलिप महोत्सव-2026 का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान एक विशेष ट्यूलिप वॉक और प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।

यह ट्यूलिप वॉक सोमवार सुबह चाणक्यपुरी स्थित सूडान दूतावास के पास लॉन से शुरू होगी, जहां बागवानी विभाग द्वारा तैयार किए गए विभिन्न रंगों में खिले ट्यूलिप और अन्य आकर्षक फूलों की श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी। बड़ी संख्या में लोगों और प्रकृति प्रेमियों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

ट्यूलिप महोत्सव का उद्घाटन पहले 17 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के मद्देनजर लागू सख्त सुरक्षा प्रबंधों के कारण उद्घाटन समारोह को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया था।

पिछले महीने एनडीएमसी का बजट पेश करते हुए परिषद के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने महोत्सव को भव्य स्तर पर आयोजित करने की रूपरेखा साझा की थी। उन्होंने बताया था कि शहर के विभिन्न हिस्सों में 5.53 लाख ट्यूलिप बल्ब लगाए जाएंगे। इनमें से बड़ी संख्या में बल्ब ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत देश में ही, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में विकसित किए गए हैं।

अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्ष पहली बार एनडीएमसी ने एक लाख ट्यूलिप बल्बों से गमलों में पौधे तैयार कर उन्हें शांति पथ लॉन, लोधी गार्डन, नेहरू पार्क, टॉकटोरा गार्डन, सेंट्रल पार्क और एनडीएमसी की नर्सरियों सफदरजंग मदरसा, गुरुद्वारा पार्क और पुराना किला रोड पर आम जनता के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराया था।

चहल ने कहा था कि एनडीएमसी स्थिरता और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश की सबसे प्रगतिशील नगरपालिका बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसी नई दिल्ली का निर्माण करेंगे जो आधुनिकता, स्थिरता और नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक बने। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित लक्ष्य है।”

उन्होंने बताया कि लोधी कॉलोनी में नजफ खान रोड के पास एक पार्क को मियावाकी वन के रूप में विकसित किया जा रहा है। पौधरोपण अभियान के तहत अब तक 3,500 पेड़, 29.93 लाख झाड़ियां और 502 बांस के पौधे लगाए जा चुके हैं।

वहीं, वर्ष 2026-27 में 5,100 पेड़ और 4,71,150 झाड़ियां लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपचारित अपशिष्ट जल के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 10 विकेन्द्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) पहले से संचालित हैं, जबकि 12 नए एसटीपी और पांच अपशिष्ट उपचार संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।
 

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