नासिक, 22 फरवरी। भक्ति चरण दास ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रस्तुत 'कुंभदूत' एआई पहल का स्वागत किया, जो 2027 के सिंहस्थ कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को वास्तविक समय में डिजिटल मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
उन्होंने रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह प्रथम बार है जब 2027 में महाराष्ट्र के नासिक नगरी में ऐसे कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा, जो एआई से जुड़ा है। इसका नाम 'कुंभदूत' रखा गया है।
उन्होंने कहा, "यह टेक्नोलॉजी साधु समाज, संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए अच्छी है। इससे कुंभ में जहां कहीं टेंट लगा हुआ है, सुविधा और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है, और लोग मोबाइल के माध्यम से कहीं न कहीं आसानी से उससे जुड़ जाएंगे। यह बहुत ही अच्छी और सराहनीय बात है।"
उन्होंने आगे कहा, "समय-समय पर हमारे देश में कहीं न कहीं टेक्नोलॉजी आगे बढ़ती है, तो कुंभ के ऊपर उसका फायदा मिलता है। यह हम सभी के लिए बहुत ही सराहनीय बात है। दूसरी बात, हमको कुंभ को एलआई से जोड़ना जरूरी है, लेकिन इससे हमारे ऋषि मुनियों की जो परंपरा है, गुरु-शिष्य परंपरा है, उस पर कोई आघात नहीं होना चाहिए।
हमारे भगवान के प्रति जो हमारी धार्मिक परंपरा है, वह खंडित नहीं होनी चाहिए, ना ही उस पर किसी प्रकार की विघ्न आनी चाहिए। इसको ध्यान में रखते हुए, कुंभ के दौरान एआई का इस्तेमाल सहूलियत और सुविधा के नजरिए से किया जाना चाहिए।"
महाराज ने कहा, "मैं सर्वप्रथम जो भारत मंडपम में हो रहा है, उसके लिए अपने सभी साधु, संत और साथियों की ओर से, तीनों आखड़ा की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद और बधाई देता हूं।
मैं हमारे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और नासिक के प्रशासन अधिकारी उन सभी को हाथ जोड़ता हूं कि वे कार्यक्रम में नियमित भाव से अवस्थित हुए। मैं समझता हूं 'कुंभदूत' को लेकर हमारा ये जो कार्यक्रम और तैयारी चल रहा है, यह साल 2027 में आयोजित होने वाला कुंभ मेला सभी के लिए बहुत फायदेमंद होगा और इसका लाभ सभी को लेना चाहिए।"