विकसित भारत के लिए अमिताभ बच्चन की गूंज: 'बढ़ना है तो यहां जुड़ना है' अभियान से जुड़े, देंगे कौशल विकास को धार

विकसित भारत के लिए, ‘बढ़ना है तो यहां जुड़ना है’ अभियान से जुड़े अमिताभ बच्चन


नई दिल्ली, 22 फरवरी। भारत के डिजिटल कौशल विकास को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यहां, ‘बढ़ना है तो यहां जुड़ना है’ अभियान शुरू किया गया है। यह एक राष्ट्रव्यापी जनजागरूकता अभियान है। सुप्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।

अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता और जनविश्वास के माध्यम से देशभर में कौशल विकास का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाएगा। कौशल विकास मंत्रालय का मानना है कि अमिताभ बच्चन की मौजूदगी के कारण अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकेंगे। कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) व शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने इस अभियान की शुरुआत की है।

केंद्रीय मंत्रालय के मुताबिक यह घोषणा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के साइडलाइन पर की गई। यह पहल विशेष रूप से स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) तक लोगों की पहुंच को व्यापक बनाने पर केंद्रित है। सिद्ध अब तक डेढ़ करोड़ से अधिक पंजीकृत अभ्यर्थियों को जोड़ चुका है। साथ ही यह देश के सबसे बड़े एकीकृत डिजिटल कौशल मंचों में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। सिद्ध एक मोबाइल आधारित तथा एआई समर्थित मंच है। इसमें विभिन्न सरकारी कौशल योजनाओं का समेकन किया गया है। यहां उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाते हैं।

वहीं, अभ्यर्थियों की रुचि और व्यावसायिक लक्ष्यों के आधार पर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। इस पहल को लेकर जयंत चौधरी का कहना है कि भारत तकनीकी परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वचालन और डिजिटल नवाचार के इस दौर में देश के प्रत्येक नागरिक को नए कौशलों से सशक्त करना आवश्यक है।

चौधरी का कहना है कि यह अभियान देश के युवाओं, विद्यार्थियों, पेशेवरों और उद्यमियों को एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल कौशल मंच से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस मंच की प्रमुख विशेषताओं में एसआईडीएच, प्रमुख रूप से मोबाइल-फर्स्ट और एआई सक्षम मंच के रूप में तैयार किया गया है। यह कई सरकारी कौशल विकास पहलों को एकीकृत करता है। उद्योग आधारित और भविष्य के लिए तैयार किए गए पाठ्यक्रम प्रदान करता है। सीखने वालों की रुचियों और करियर लक्ष्यों के आधार पर व्यक्तिगत सुझाव देता है।

इस मंच में सीखने के लिए केंद्रीय केंद्र, डिजिटल रूप से सत्यापित प्रमाणपत्र, क्यूआर कोड-सक्षम व्यक्तिगत डिजिटल बायोडाटा, आधार-आधारित ई-केवाईसी पंजीकरण, ओटीपी-सक्षम मोबाइल पहुंच और 21 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्धता जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे व्यापक स्तर पर समावेशन और आसान पहुंच सुनिश्चित होती है।

दरअसल, सिद्ध विभिन्न उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को पूरा करता है। यह करियर विकल्पों की खोज कर रहे छात्र, कार्यबल में प्रवेश कर रहे स्नातक, अपने कौशल को उन्नत कर रहे पेशेवर और संरचित सहायता की तलाश में उद्यमी की मदद करेगा। अलग-अलग कौशल और रोजगार संसाधनों को एक ही मंच पर समेकित करके जानकारी, भाषा और विश्वसनीयता की बाधाओं को हटाता है। यह बड़े स्तर पर अवसरों को सभी के लिए समान बनाता है। ‘बढ़ना है तो यहां जुड़ना है' अभियान को देशभर में विभिन्न डिजिटल माध्यमों से लागू किया जाएगा।

यह अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया चैनल्स, ऐप इकोसिस्टम और क्यूआर-सक्षम टचपॉइंट्स जैसे माध्यमों से लोगों के बीच जाएगा। इससे यहां लोगों का पंजीकरण सहज और तुरंत किया जा सकेगा। अभियान के विजुअल्स में भारत की विविधता को उजागर किया गया है। यहां युवा, महिलाएं, पेशेवर, उद्यमी और विकलांग नागरिक दर्शाए गए हैं जो यह संदेश देते हैं कि यह विकास और अवसर सबके लिए हैं। केंद्र के मुताबिक यह पहल आजीवन शिक्षण और समृद्धि के दृष्टिकोण को साकार करते हुए भारत को भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर कौशल राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
 
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