राजसमंद में 'राजसखी मेला' शुरू, हर्बल गुलाल ने बिखेरे आत्मनिर्भरता के रंग, महिलाएं बनीं सशक्त

राजसमंद में ‘राजसखी मेला’ का शुभारंभ, हर्बल गुलाल आकर्षण का केंद्र


राजसमंद, 22 फरवरी। राजस्थान के राजसमंद जिले में राजीविका समूह और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय ‘राजसखी मेला’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस मेले में आकर्षण का केंद्र हर्बल गुलाल रहा। इससे राजीविका समूह की महिलाएं आत्‍मनिर्भर बन रही हैं।

उद्घाटन पर पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, सीओ जिला परिषद बृजमोहन बैरवा, डीपीएम राजीविका डॉ. सुमन अजमेर और भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अतिथियों ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की। राज्य स्तरीय इस मेले में प्रदेशभर से राजीविका से जुड़ी महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को विपणन और बिक्री के लिए प्रदर्शित किया गया है।

होली के त्योहार को देखते हुए मेले में हर्बल और प्राकृतिक गुलाल विशेष आकर्षण का केंद्र है। राजसमंद की स्थानीय वनस्पतियों से तैयार की गई यह गुलाल पूरी तरह ऑर्गेनिक है और इसमें किसी प्रकार के रसायन का उपयोग नहीं किया गया है।

कुंभलगढ़ की राजीविका महिला समूह की सदस्य बाला देवी ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से गुलाल का निर्माण कर रही हैं और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस गुलाल का कोई साइड इफेक्ट नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा है। इस वर्ष उन्हें 500 पेटी गुलाल का ऑर्डर मिला है, जिससे कम से कम 35 महिलाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है और उनकी आय में 10 से 15 हजार रुपए तक की वृद्धि हुई है।

मेले में खरीदारी करने पहुंची भाग्यश्री ने बताया कि उन्होंने पलाश के फूलों से बनी हर्बल गुलाल और कुंभलगढ़ में सीताफल के पत्तों से तैयार हरे रंग की गुलाल खरीदी है। यह पूरी तरह जैविक उत्पाद है और महिलाओं द्वारा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से तैयार किया गया है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मेले में आकर इन उत्पादों की खरीदारी करें।

राजीविका समूह के प्रबंधक मुकेश कुमार नुवाल ने बताया कि सात दिवसीय राजसखी मेला 22 से 28 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसकी पंचलाइन ‘होली के रंग, राजीविका के संग’ रखी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले सीजन में 36 लाख रुपए की हर्बल गुलाल और 36 लाख रुपए की ठंडई, कुल 72 लाख रुपए के उत्पादों का ऑर्डर सीएमओ कार्यालय की ओर से दिया गया था। इस वर्ष अब तक 7.50 लाख रुपए के ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी आपूर्ति राजीविका समूह द्वारा की जा रही है।

उन्होंने बताया कि मेले में पांच रंगों में गुलाल उपलब्ध है, जिसमें कुंभलगढ़ के सीताफल से हरे रंग की, राजसमंद में गेंदे के फूल से पीले रंग की और अन्य स्थानीय फूलों से तैयार विभिन्न आकर्षक रंगों की गुलाल शामिल है।
 
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