अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भारत और अमेरिका के बीच रिशेड्यूल हुई बातचीत

अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भारत और अमेरिका के बीच रिशेड्यूल हुई बातचीत


नई दिल्ली, 22 फरवरी। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते को लेकर एक मीटिंग होने वाली थी, लेकिन भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों ने अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर ऑफिशियल मीटिंग को रीशेड्यूल करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया। इसके बाद ट्रंप ने पहले 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ लगाया, जिसे बाद में 15 फीसदी कर दिया। इन हालातों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों ने मीटिंग रीशेड्यूल की है।

दोनों पक्ष अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के असर पर विचार करने के लिए मीटिंग रिशेड्यूल की है। बता दें कि दोनों देशों के मुख्य ट्रेड नेगोशिएटर्स की अगुवाई वाली टीमों के बीच तीन दिन की मीटिंग पहले 23 फरवरी को अमेरिका में होनी थी।

एक सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय टीम का वॉशिंगटन का प्रस्तावित दौरा बाद में होगा। पहले दोनों पक्ष अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निकले हालिया अपडेट का दोनों देश अध्ययन करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मीटिंग के लिए एक नई तारीख तय करने का फैसला किया जाएगा जो दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक हो।

बता दें, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े झटके के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ग्लोबल टैरिफ 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया।

ट्रूथ सोशल पर बात करते हुए ट्रंप ने लिखा, "अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के कई महीनों के सोच-विचार के बाद, कल जारी किए गए टैरिफ पर बेतुके, खराब तरीके से लिखे गए और बहुत ज्यादा अमेरिका विरोधी फैसले की पूरी और विस्तार से की गई समीक्षा के आधार पर मैं अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर देशों पर तुरंत लागू होने वाले 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ बढ़ाऊंगा, जिनमें से कई देश दशकों से बिना किसी बदले के (जब तक मैं नहीं आया!) अमेरिका को लूट रहे हैं, इसे पूरी तरह से मंजूर और कानूनी तौर पर टेस्ट किए गए 15 फीसदी लेवल तक बढ़ा दूंगा।"

बता दें, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप के बड़े टैरिफ उपायों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एग्जीक्यूटिव ब्रांच ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाकर अपने संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन किया है।

जजों ने 6-3 के फैसले में कहा कि दुनिया भर से अमेरिका में आने वाले प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाने के ट्रंप के आक्रामक तरीके की 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) नाम के कानून के तहत इजाजत नहीं थी।

इस फैसले से ट्रंप के कई, लेकिन सभी नहीं, टैरिफ अमान्य हो गए। गवर्नरों के साथ मीटिंग के दौरान इस बारे में बताए जाने के बाद गुस्साए ट्रंप ने फैसले को शर्मनाक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास एक बैकअप प्लान है।
 

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