रांची, 21 फरवरी। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य में हो रहे नगर निकाय चुनाव में राज्य सरकार द्वारा सत्ता और प्रशासन के दुरुपयोग की आशंका जताई है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि वह नगर निकायों के चुनाव में सत्ता और प्रशासन का दुरुपयोग रोके।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान करने का अवसर मिलना चाहिए।
शनिवार शाम को रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए साहू ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन को राज्य में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने की जिम्मेदारी पर खरा उतरना चाहिए। न्यायालय के निर्देशों और भाजपा के आंदोलन, धरना-प्रदर्शन के बाद तीन वर्षों के विलंब से राज्य के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को चुनाव कराए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कराने की राज्य सरकार की मंशा पहले स्पष्ट नहीं थी, लेकिन जनदबाव के कारण चुनाव की घोषणा करनी पड़ी। साहू ने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद भी राज्य सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बैलेट पेपर से चुनाव कराने और राज्य पुलिस की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था होने से निष्पक्षता को लेकर आशंका पैदा हुई है।
साहू ने कहा कि भाजपा ने पहले भी निकाय चुनाव ईवीएम से कराने और लोकसभा-विधानसभा चुनाव की तर्ज पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की थी, लेकिन इस दिशा में पहल नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई निकाय क्षेत्रों में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथ हैं, जिसके संबंध में पार्टी ने लिखित ज्ञापन भी सौंपा है। बावजूद इसके सरकार आवश्यक कदम उठाने में गंभीर नहीं दिख रही है।
साहू ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में जनसंपर्क के दौरान सरकार के खिलाफ व्यापक आक्रोश देखने को मिला है। निकाय चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं हो रहे हों, लेकिन राजनीतिक दलों का समर्थन प्रत्याशियों को प्राप्त है और जनता राज्य सरकार को “कड़ी चेतावनी” देने के मूड में है।
उन्होंने मतदाताओं से भारी संख्या में निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की और पुलिस प्रशासन से पद एवं वर्दी की मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया।