हत्या मामले में कर्नाटक के भाजपा विधायक बायराठी बसवराज 26 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में

हत्या मामले में कर्नाटक के भाजपा विधायक बायराठी बसवराज 26 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में


बेंगलुरु, 21 फरवरी। कर्नाटक की एक अदालत ने बेंगलुरु के केआर पुरम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बायराठी बसवराज को हत्या के एक मामले में 26 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

यह आदेश 42वीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अदालत ने शनिवार को पारित किया। बसवराज को अब शहर के बाहरी इलाके में स्थित बेंगलुरु सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया जाएगा।

बसवराज को अपराधी शिवप्रकाश उर्फ बिकलू शिवा की हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया है। उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही हिरासत में लिया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।

इस मामले में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने विधायक से पूछताछ की। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले की गहन जांच और हत्या के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए बसवराज से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

भाजपा ने इस कार्रवाई को राजनीतिक कारणों से प्रेरित बताया है और राज्य सरकार पर साजिश का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने बसवराज के आवास पर जाकर उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बसवराज ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा को सत्ता में लाने में मदद की थी और अब उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। विजयेंद्र ने यह भी दावा किया कि उनके परिवार को भी पहले झूठे मामलों का सामना करना पड़ा है।

बिकलू शिवा की हत्या पिछले वर्ष 15 जुलाई को बेंगलुरु के हलासुरु इलाके में उनके घर के सामने धारदार हथियारों से की गई थी। पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में बसवराज को पांचवां आरोपी बनाया गया है।

बेंगलुरु के भारतीनगर थाने में यह प्राथमिकी मृतक की मां की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। हालांकि बाद में मृतक की मां ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शिकायत में भाजपा विधायक का नाम नहीं लिया था और उन्हें नहीं पता कि उनका नाम एफआईआर में कैसे शामिल हुआ।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान बसवराज के मुख्य आरोपी रोड़ी जगदीश उर्फ जग्गा से संबंध स्थापित हुए हैं। पुलिस के अनुसार, बसवराज के जग्गा से सीधे संबंध थे और हत्या से पहले वे कई बार बिकलू शिवा से भी मिले थे।

मामले की जांच जारी है।
 
एफआईआर में नाम कैसे आया, अगर मां ने लिया ही नहीं? यह कानूनी पेच है या पुलिस की अपनी जांच? खैर, अदालत ने हिरासत में भेजा है तो कुछ तो ठोस सबूत सीआईडी के पास होंगे ही। देखते हैं 26 फरवरी तक क्या निकलकर आता है।
 

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