लखनऊ, 21 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन व लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्नदाता किसान उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। जब बजट होता है तो लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे पैसा जाता है और उन्हें लाभ प्राप्त होता है। आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपए किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई। लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जनपदों में लाभार्थी परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। उन्होंने कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। जब हम फसल का बीमा कराते हैं तो जरूरत पर रिटर्न भी मिलता है। आपदा के कारण नुकसान हुआ तो भरपाई होती है।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था। उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार और सह-किसान कवर नहीं होते थे। हमारी सरकार में 1000 करोड़ से अधिक की धनराशि के जरिए किसान या उसके परिवार के सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। आपदा प्रभावित 3500 पीड़ित किसानों, सह किसानों, पारिवारिक सदस्यों, बटाईदारों आदि को आज लाभान्वित किया गया है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों व आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कल तक यह पैसा सभी किसानों या आश्रित परिवारों के खाते में पहुंच जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। पीएम मोदी ने इस संबंध में बड़ा अभियान चलाया है। उत्तर प्रदेश ने पीएम की इस पहल को बढ़ाने का कार्य किया। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण के साथ भी जोड़ा गया है। इन्हें इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट, आपदा मित्र ट्रेनिंग, मॉड्यूल आईडी, आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, फर्स्ट-एड बॉक्स, सेफ्टी हेलमेट, चश्मा समेत 15 आइटम हैं। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा करने का निर्णय लिया है। 10 फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया गया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन वर्ष के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी आगे बढ़ाया जाएगा।
सीएम ने कहा कि पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। उन्हें क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाती थी। 2015-16 में एक बार किसी किसान के खाते में दो रुपए और किसी के खाते में चार रुपए आए थे। हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी जैसी आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसमें से फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपए का कृषि निवेश अनुदान, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़ रुपए और मकान क्षति के 27448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपए सरकार वितरित कर चुकी है।
सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड्स की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी आपदा मित्र की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन जब वे होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार की ओर से मानदेय भी दिया जाएगा। प्रदेश में 19 हजार आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रशिक्षित किया जा चुका है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है।